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डॉक्टर के घर पेशेवर बदमाशों ने दिया डकैती को अंजाम

Fri, 07 Dec 2012 05:30 AM IST
Shahjahanpur
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दो को छोड़ बाकी सभी ने मुंह पर लपेट रखा था कपड़ा
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- फिंगर प्रिंट ट्रेस होने की आशंका में पहन रखे थे दस्ताने
- अलमारियां और बाक्स तोड़ने के बाद कपड़े से पोंछ दिए
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। रूफस चरन लेन में डॉ. धर्मवीर चौधरी के घर डाका डालने वाले सभी बदमाश बेहद स्मार्ट, पढ़े-लिखे और पेशेवर अपराधी हैं। तभी तो अपनी पहचान छिपाने को अधिकांश डकैतों ने मुंह पर कपड़ा लपेट रखा था। फिंगर प्रिंट ट्रेस आउट होने की आशंका में सभी ने हाथों में दस्ताने पहन रखे थे। यही नहीं, अलमारियां और बाक्स तोड़ने के बाद उन्हें कपड़े से पोंछकर घर से निकले।
बदमाशों के ड्राइंग रूम में दाखिल होने पर डॉ. चौधरी को ऐसा लगा कि यह लोग शायद कोई मरीज लाए हैं क्योंकि फैमिली में कई डॉक्टर होने से पेशेंट अक्सर घर पर आ जाते हैं, लेकिन उनका इरादा उस वक्त जाहिर हो गया जब उन्होंने तमंचे निकालकर खामोश रहने की हिदायत दी। कोई प्रतिरोध होने की दशा में उसका सामना करने को वे अपने साथ खुखरी और भाले भी लाए, जिससे कि आसपास के लोगों को भनक लगे बगैर वारदात को अंजाम दिया जा सके।
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यही हुआ भी। डॉ. चौधरी के अनुसार: उन्हें सात-आठ की संख्या में देख विरोध की कोई कोशिश नहीं की गई। मांगने पर चुपचाप चाबियां दे दीं। इससे बदमाशों ने भी नरम रुख अपनाया। वे गार्ड को पहले ही बंधक बना चुके थे। बेडरूम में जाकर पत्नी को उठाया और उन्हें भी बंधक बनाकर स्टोर के पास बिठा दिया। इसके बाद उन्होंने नीचे और ऊपर के कमरों में तोड़-फोड़ करके लूटपाट शुरू कर दी। उन्होेंने बताया: चाबियां मिल जाने के बावजूद कई अलमारियां होने से उन्होंने छोटे बेटे के कमरे का दरवाजा समेत अलमारियां और बाक्स खोलने के बजाय तोड़ डाले। बदमाशों ने गार्ड समेत उनके तीन मोबाइल भी अपने कब्जे में कर लिए। सभी बदमाश 20 से 25 आयु वर्ग के थे। जींस, शर्ट और जैकेट पहने सभी बदमाशों में एक का कद ऊंचा था जो अंग्रेजी के अलावा समझ न आने वाली कोई अन्य भाषा भी बोल रहा था।
डॉ. चौधरी के अनुसार बदमाशों के प्रोफेशनल क्रिमिनल होने का उस वक्त अहसास हुआ जब उन्होंने तोड़-फोड़ करने से पहले हाथों में दस्ताने पहन लिए। यही नहीं, जो भी अलमारियां, दरवाजे और बाक्स तोड़े, बाद में सफेद कपड़े से उन पर पोंछा भी लगा दिया। ऐसा संभवत: उन्होंने फिंगर प्रिंट ट्रेसर को चकमा देने के लिए किया।


अंकल-आंटी कहकर बुलाया
पूरे घटनाक्रम की खास बात यह रही कि डकैतों ने वृद्घ डॉक्टर दंपति को तीखे तेवर दिखाने के बजाय उन्हें अंकल-आंटी का संबोधन देकर अपना काम किया। दरअसल, उनकी संख्या ज्यादा देख डॉक्टर दंपति ने चुप रहने में ही भलाई समझी। डॉ. चौधरी के अनुसार एक बदमाश ने अंकल कहकर उनसे चाबियां मांगी। इसी तरह दूसरे बदमाश ने बेड रूम में लेटीं पत्नी विमल के पास जाकर कहा आंटी उठो, आपको बांध दूं। उन्हें बंधक बनाने के बाद बदमाशों ने उनका मुंह बांधना चाहा। इस पर विमल ने श्वांस की मरीज होने का हवाला देकर मुंह नहीं बांधने की गुजारिश की और डकैत मान भी गए।


बाल-बाल बचा रोहित का परिवार
घटना को अंजाम देने के दौरान डकैतों ने कोठी परिसर में निर्माणाधीन डॉ. रोहित की कोठी की इशारा कर पूछा कि इसमें कौन रहता है। उस वक्त डॉ. रोहित अपने क्लीनिक पर थे, जबकि उनकी पत्नी अपर्णा दोनों बेटियों, हर्षिता और सुप्रिता, के साथ घर में मौजूद थीं। डॉ. चौधरी ने यह कहकर बदमाशों को उधर जाने से रोक दिया कि घर निर्माणाधीन होने के कारण खाली पड़ा है। इस तरह डॉ. रोहित के बीवी-बच्चे डकैतों की निगाह में आने से बाल-बाल बच गए।


पीयूष आते तो हो जाता कोई हादसा
घटना के समय डॉ. चौधरी के छोटे बेटे डॉ. पीयूष अपनी पत्नी डॉ. नीता और दोनों बच्चों ध्रुव-निकिता के साथ शहर के अंबा सिनेप्लेक्स में फिल्म देख रहे थे। अगर उसी समय भनक पाकर वे घर आ गए होते तो बदमाश आक्रामक रुख अपना सकते थे। डॉ. चौधरी ने भी माना कि छोटा बेटा घर आने पर काफी एक्साइटेड था और पुलिस अफसरों के सामने ज्यादा बोलने से रोकने पर ही चुप हुआ।

गार्ड पर संदेह से किया इनकार
डॉक्टर फैमिली ने घर-परिवार की सुरक्षा को गोपाल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी कंपनी से भेजे गार्ड की सेवाएं ले रखी हैं। इस कंपनी ने उनके घर पर करीब दो साल पहले सिंधौली क्षेत्र के गांव ताहरपुर निवासी सर्वेश मिश्रा को तैनात किया था। दो दिन पहले सर्वेश के छुट्टी जाने पर उसने अपनी सिंगल बैरल बंदूक के साथ एवजी में छोटे भाई अजय मिश्रा को भेजा था, लेकिन गार्ड पर डॉक्टर फैमिली को कोई शक नहीं है। डॉ. चौधरी के अनुसार गार्ड में सिर्फ एक कमी थी कि रात में अक्सर सो जाता था।


एक बदमाश की पहचान का दावा
डॉ. धर्मवीर चौधरी की पत्नी विमल ने एक बदमाश को सामने आने पर पहचानने का दावा करते हुए बताया कि उसने अपने चेहरे को छिपाया नहीं था। वह भरे चेहरे और गेहुएं रंग का था। वही अंग्रेजी के अलावा दूसरी भाषा भी बोल रहा था और उसने यह भी बताया कि वह यहां का रहने वाला नहीं, बाहर से आया है।


रिपोर्ट दर्ज, दो हिरासत में
सदर पुलिस ने डॉ. धर्मवीर चौधरी की ओर से सात-आठ अज्ञात बदमाशों के खिलाफ धारा 395 और 397 के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। इसी के साथ सदर इंस्पेक्टर सूबेदार सिंह यादव ने घटना की विवेचना शुरू कर दी है। डकैतों द्वारा बंधक बनाए गए गार्ड अजय समेत आज सुबह डॉ. चौधरी के घर दूध देने आए मोहल्ला करबला के भूरे को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।


दो माह पहले भी हुई थी वारदात
रूफस चरन लेन में बमुश्किल दो माह पहले भी लूट और हत्या की वारदात हो चुकी है जब एक महिला की चेन खींचकर भाग रहे बाइक सवार बदमाशों ने विरोध करने पर पड़ोस मेें रहने वाले एक रिटायर्ड लेखपाल के इकलौते बेटे अनिल को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। इस वारदात का कायदे से खुलासा भी नहीं हो सका कि इसी कालोनी में बुधवार रात दूसरी वारदात हो गई।
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‘घटना की गहन छानबीन की जा रही है और केस को जल्द वर्कआउट कर लिया जाएगा। डॉ. फैमिली ने हाल ही में दिल्ली में एक शादी अटेंड करने को लॉकर से जेवर निकाला था। एक सप्ताह पहले परिवार के लोग दिल्ली से लौट आए, लेकिन जेवर लॉकर के बजाय घर में रख छोड़े। परिवार के लोगों ने बताया कि लूटा गया जेवर बीमाशुदा है।’
-सूबेदार सिंह यादव, सदर इंस्पेक्टर/विवेचक
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