फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हादसों के लिए पुलिस और परिवहन विभाग जिम्मेदार

Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
Shahjahanpur
विज्ञापन
विज्ञापन
शाहजहांपुर। यातायात माह का किस तरह दिखावा हो रहा है, यह गुरुवार को हुए दो हादसों से जाहिर हो गया। दोनों दुर्घटनाओं मेें परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की घोर लापरवाही झलकती है या फिर उनकी मिलीभगत! जो भी हो, स्वीकृत परमिट से चार गुनी सवारियां ठूंसकर विभिन्न मार्गों पर मौत केपरकाले बनकर दौड़ रहे डग्गामार वाहनों पर प्रभावी अंकुश नहीं लगने से दिल दहलाने वाली दुर्घटनाओं का गवाह बनना पड़ा।
विज्ञापन

पहले पुवायां रोड के हादसें को ले। चूर-चूर हुई मैक्स को सात सवारियों का परमिट था, लेकिन उस पर सवार सात लोग मारे गए और 16 घायल हो गए। बताते हैं कि दुर्घटना से ठीक पहले बड़ागांव में कुछ लोग उतर गए थे। जाहिर है कि उस पर सवार लोगों की संख्या क्षमता से करीब चार गुना अधिक रही। उस पर दुखद पहलू यह है कि हादसा यातायात माह में हुआ। अधिकारी यह कहकर नहीं बच सकते कि विशेष माह में ट्रैफिक नियमों का पहले से ही कड़ाई से अनुपालन कराया जा रहा है। जिला अस्पताल पर मौजूद लोगों का कहना था कि आए दिन हो रहे हादसों के लिए परिवहन व पुलिस विभाग जिम्मेदार है।


‘विशेष अभियान के तहत अब तक 125 वाहन बंद किए जा चुके हैं। पुवायां रोड पर हादसे से पहले आज ही रामचंद्र मिशन, कांट और जलालाबाद क्षेत्र में 16 वाहन सीज किए गए। प्रत्येक अतिरिक्त सवारी पर शासन ने एक हजार रुपये जुर्माना तय कर रखा है। इस मद में प्रतिवर्ष औसतन चार लाख रुपये राजस्व वसूला जाता है।’
विज्ञापन

-शिखर ओझा, उप संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन)

‘यातायात नियमों का पालन कराने की भरपूर चेष्टा की जाती है। नो इंट्री जोन व्यवस्था भी इसमें शामिल है। हां, कभी-कभी वाहन लेकर आए लोग जिद पकड़ लेते हैं। अक्सर गर्रा फाटक के पास पुल से आईं ट्रालियों और अन्य भारी वाहनों केचालक थोड़ी दूर आगे जाने का हवाला देकर प्रतिबंधित रूट से निकलने पर अड़ जाते हैं। ऐसे मामलों में अब सख्ती से निपटा जा रहा है।’
-राजेश्वर सिंह, सीओ (सिटी/ट्रैफिक)



एक महीने पहले ही हुई थी महताब की शादी
शाहजहांपुर। हादसे में मौत की आगोश में समाएं टाउन हाल क्लब में रहने वाले शिक्षक महताब आलम मूल रूप से टांडा (फैजाबाद) के निवासी थे। नौकरी मिलने के बाद तीन साल से वे यहां रह रहे थे। हाल ही में 22 अक्तूबर को महताब की अंबेडकर नगर से शादी हुई। महताब का परिवार फैजाबाद में ही रह रहा है। हादसे की खबर जब वहां पहुंची तो वहां कोहराम मच गया।

मौत के मंजर की चश्मदीद गवाह बनी शारदा
जिस मैक्स की टक्कर हुई। उसमें पुवायां से सवार होकर बड़ा गांव की आंगनबाड़ी कार्यकत्री शारदा देवी भी आईं थीं। वह दुर्घटनास्थल से चंद कदम पहले ही मैक्स से उतर गई थीं। उतरने के बाद जैसे ही मैक्स चली तो सामने से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। यह देख मौके पर मौजूद शारदा देवी ने लोगों को हादसे की सूचना दी। वह दुर्घटनास्थल से लेकर जिला अस्पताल तक घायलों की मदद करने पहुंची।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें