राष्ट्र निर्माण में आयकर की भूमिका विषय पर हुई सेमिनार
- हर नागरिक को अपनी आय का कुछ हिस्सा कर के रूप में देना चाहिए: आयकर आयुक्त
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। आयकर आयुक्त रणंजय सिंह ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में देश चलाने की जिम्मेदारी केवल सरकार पर नहीं, बल्कि नागरिकों की भी होती है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को जागरुक रहकर देश केप्रति दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने राष्ट्र निर्माण के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी आय का कुछ हिस्सा सरकार को देने की अपेक्षा की।
यहां एक होटल में आईआईए के तत्वावधान में राष्ट्र निर्माण में आयकर की भूमिका विषय पर आयोजित सेमिनार को सम्बोधित करते हुए आयकर आयुक्त श्री सिंह ने कहा कि कर दो प्रकार के होते हैं प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर। कर संग्रह की दृष्टि से अप्रत्यक्ष कर न्यायपूर्ण नहीं कही जा सकती है, क्योंकि इसके प्रभाव से देश की अर्थ व्यवस्था का ढांचा ही बदल जाता ह,ै जबकि प्रत्यक्ष कर में एकरूपता होती है और प्रत्येक नागरिक को समान कर देना पड़ता है, जो न्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था से भी कुछ समस्याएं आई हैं जिसके कारण देश की आर्थिक विकास की गति धीमी हुई है। यह समस्या भी प्रत्येक नागरिक की समस्या है, जिसका हम सभी को डटकर मुकाबला करना चाहिए। प्रत्येक नागरिक को अपनी आय का कुछ हिस्सा कर के रूप में सरकार को देकर राष्ट्र के निर्माण में सहयोग करना चाहिए।
इस मौकेपर विशिष्ट अतिथि संयुक्त आयकर आयुक्त बीएस मीना, आईआईए प्रांतीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल, चेप्टर चेयरमैन रवि गोयल, अनिल गुप्ता, कृष्ण कुमार शर्मा, रामचंद्र सिंघल, कुलदीप सिंह दुआ, सुरेश सिंघल, चंद्रवीर गंगू आदि ने विचार व्यक्त किए। सेमिनार में रामगोपाल, रजत, ओम प्रकाश खंडेलवाल, विपनेश, अरविंद गुप्ता, दीक गुप्ता, सुरेश अग्रवाल, विनय कपूर, विनय अग्रवाल, डॉ. जीडी अग्रवाल, वरुण मित्तल, गुरजीत मोगा, रवि खंडेलवाल आदि मौजूद रहे।