कुर्रिया कलां। गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में रमण बिहारी मिश्र ने गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनाया।
कथा में इंद्र के घमंड तोड़ने के लिए कन्हैया ने जब बृजवासियों से उनकी पूजा न करने की बात कही। इस पर इंद्र कुपित हो गए और उन्होंने बृज पर मूसलाधार वर्षा प्रारंभ कर दी। चारों ओर त्राहि-त्राहि मचने लगी। लोग कहने लगे कि कृष्ण की बात मानकर यह संकट देखने को मिले हैं। जब इसकी जानकारी कृष्ण को मिलती है तो वह गोवर्धन पर्वत को अपनी ऊंगली पर उठा लेते हैं और गांव वाले उसके नीचे खड़े होकर बारिश से बच जाते हैं। इस प्रकार इंद्र का घमंड चूर हो जाता है। कथा के बाद गोवर्धन की पूजा अर्चना की। आयोजन में पुष्पेंद्र सिंह चौहान, राजेश सिंह, कमलेश कुमार, सरोज पांडेय, शिवरतन शास्त्री, कृष्ण बिहारी मिश्र आदि का सहयोग रहा।