शाहजहांपुर। महंगाई के बावजूद धनतेरस पर लोगों ने खूब खरीददारी की। सर्राफा और आटोमोबाइल्स समेत बाजार में लगभग पैंतीस करोड़ का कारोबार होने का अनुमान है। शहर कार और बाइक में सात करोड़ से अधिक का व्यवसाय हुआ है, जबकि सोने और चांदी में बीस करोड़ का कारोबार होने का अनुमान है। हालांकि त्योहार पर सोने-चांदी के भाव में बढ़ोत्तरी होने से लोगों ने हाथ खींचकर खरीददारी की। बर्तन और इलेक्ट्रिक गुड्स की दुकानों पर लोगों ने जमकर खरीददारी की।
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चार करोड़ के बिके दोपहिया वाहन
धनतेरस पर खरीददारी को शुभ मानते हुए दो पहिया वाहनों की ओर लोगों का रुझान अधिक ही रहा। इस दौरान हीरो कंपनी की लगभग 363 मोबाइक और बजाज की करीब 300 मोटरसाइकिलों की बिक्री हुई। स्कूटी आदि छोटे माने जाने वाले वाहनों की बिक्री भी शतक पार कर गई। इस तरह इस बाजार ने लगभग चार करोड़ का कारोबार किया।
खूब बिकीं कारें
हुंडई शोरूम पर सुबह से ही लोगों ने परिवार समेत कारों की पसंद शुरू कर दी थी। जिनको मनचाहे रंग की कार नहीं मिल सकी उन्होंने बुकिंग कराकर त्योहार की परंपरा का निर्वहन किया। इसके बावजूद हुंडई की 25 और मारुति के शोरूम पर 48 कारों की बिक्री हुई। इस हाई-फाई बाजार में लगभग तीन करोड़ का कारोबार हुआ।
ज्वैलरी में हुआ बीस करोड़ का कारोबार
धनतेरस की प्रमुख खरीद के रूप में सर्राफा बाजार माना जाता है। दो दिन पहले से ही महंगाई ने त्योहारी बिक्री को ध्यान में रखते हुए जोर पकड़ा। दो दिन पहले तक चांदी का जो सिक्का 1050 का था वह त्योहार पर 1250 तक का बिका, इसी तरह दो दिन पहले तक सोने का भाव 30690 था, लेकिन आज बढ़कर 32200 तक पहुंच गया। इसके बावजूद सोने-चांदी का लगभग 20 करोड़ का कारोबार होने का अनुमान है।
पांच करोड़ के तो
बर्तन ही बिक गए
धनतेरस की प्रमुख तो बर्तन ही होते हैं। माना जाता है कि इस दिन पुराने बर्तन बेचकर लोग नए बर्तनों की खरीददारी करते हैं। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए लोगों ने विशेषकर मध्यम और निम्न वर्ग के लोगों ने बर्तनों की खरीद पर ध्यान लगाना ही उचित समझा। आज स्टील का भाव पौने दो सौ रुपये प्रति किलो, फूल का भाव एक हजार रुपये किलो रहा। बर्तनों की दुकानों पर भीड़ कम होने का नाम ही नहीं ले रही थी। अनुमान है कि बर्तन बाजार में करीब पांच करोड़ का कारोबार हुआ है।