दिवाली पर शहर को रोशन रखने की कवायद
- लाइन मेंटीनेंस और ट्रांसफार्मरों की चेकिंग शुरू
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। धनतेरस के साथ प्रकाश पर्व दिवाली की तैयारियों की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। बाजार त्योहार के आइटमों से पटने लगे हैं। इसी के साथ पॉवर कारपोरेशन की कार्मिंक टीमें भी त्योहारों का उल्लास बनाए रखने को शहर को रोशन रखने की तैयारियों में जुट गई हैं। लाइन फाल्ट तत्काल ठीक करने के बारे में भी स्टाफ को दिशा निर्देश दिए गए हैं।
प्रकाश पर्व का करवा चौथ से शुरू होने वाला उल्लास धनतेरस से चरम पर दिखाई देने लगता है। बाजारों में जगमग होते बर्तनों और अन्य सामान की खरीददारी करने को लोगों का हुजूम बहादुरगंज और मंडी में उमड़ पड़ता है। सड़कों पर मेले जैसे माहौल से उपजने वाला उल्लास बिजली की चकाचौंध पर ही टिका रहता है। इसलिए धनतेरस से लेकर दिवाली की रात बिजली की डिमांड बढ़ने से पॉवर कारपोरेशन का डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम ओवरलोडिंग के घेरे में आ जाता है।
इससे बाजार में बिजली गुल होने पर उठाईगीरी, महिलाओं से छेड़छाड़ आदि कई समस्याएं पैदा हो जाती हैं। त्योहार के दिन ऐसी स्थितियों से बचने के लिए पॉवर कारपोरेशन के अफसरों ने शहर के करीब पांच सौ से अधिक ट्रांसफार्मरों की चेकिंग शुरू करा दी है। विभागीय टीमें उनमें ऑयल फिलिंग का काम कर रही हैं और जिनमें पहले से तेल भरा है, उनकी चोरों से निगरानी भी की जा रही है।
इसके साथ ही एचटी-एलटी लाइनों की रिपेयरिंग पर भी ध्यान दिया जा रहा है। यह अलग बात है कि गलियों में जहां-तहां झूल रहे ढीले तारों वाले बिजली नेटवर्क को ठीक कराने की ओर किसी का ध्यान नहीं, केवल मुख्य मार्गों के पहले से दुरुस्त पोल और ओवरहेड लाइनों केजंपर चेक किए जा रहे हैं। आफीसर्स कालोनी, सिविललाइंस जैसे पॉश इलाकों में बिजली नेटवर्क की ओवरहॉलिंग पहले ही निपटाई जा चुकी है।
‘दिवाली की खुशियां बिजली पर निर्भर होना स्वाभाविक है। मुख्य त्यौहारों पर लाइन मेंटीनेंस वर्क होना सामान्य बात है, लेकिन प्रकाश पर्व पर बिजली सप्लाई को बेहतर बनाने का भरपूर प्रयास हो रहा है। कटौती में कमी के लिए अधिकारियों की सिस्टम कंट्रोल से सकारात्मक बात हुई है। उम्मीद है कि अगले दो-तीन दिन पर्याप्त बिजली मिलेगी।’
-प्रदीप सोनकर, एसडीओ, पॉवर कारपोरेशन
रात के समय बिजली देने की मांग
मिर्जापुर। दिवाली पर भी उपभोक्ताओं को बिजली रुला रही है। रात में एक-दो बजे आने वाली बिजली दिन निकलने से पहले ही गुल हो जाती है, जिससे उपभोक्ता बेहद परेशान हैं। उधर, रात में बिजली के अभाव में असामाजिक तत्वों की आवाजाही से भी लोगों में दहशत है। नागरिकों ने डीएम से ग्रामीण क्षेत्र में सुरक्षा की दृष्टि से रात्रिकालीन विद्युत कटौती बंद करने की मांग की है।