0 विभागीय संलिप्तता पर नहीं कस पा रहा है शिकंजा
0 अपनों को बचाने में लगे हैं आला अफसर
रोजा। एफसीआई अटसलिया डिपो प्रकरण के 15 दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई के संकेत न मिलने से साफ हो गया है कि धूूल चेहरे पर है और हम आइना साफ करते रहे। मसलन सरकारी गेहूूं की खरीद से लेकर अनलोडिंग तक व्यापक स्तर पर धांधली है, जिसमें एफसीआई के कुछ कर्मचारी, स्थानीय पुलिस और कुछ माफिया का खुला संरक्षण है। यह बात यूं ही नहीं कही जा रही है बल्कि इसके प्रमाण भी मिले हैं, जिन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
बता दें कि गत 23 अप्रैल को रोजा के अटसलिया डिपो के प्रभारी सुरेन्द्र पाल की रिपोर्ट पर पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया था, तब एफसीआई के गोदाम प्रभारी द्वारा डाला वसूली की बात सामने आयी थी, जिस पर एसओ आरएसयादव ने गोदाम प्रभारी आरपी शर्मा के खिलाफ 203/ धारा 7/13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत कराया था, जिसकी जांच सीओ सदर एसपी सिंह को सौंपी गयी थी, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं हुई है।
इसी तरह 21 अप्रैल को डाला न देने पर थाने के एक सिपाही ने चालक को बेरहमी से मारा पीटा था, जिसकी शिकायत एसपी डॉ. अशोक कुमार राघव से भी की गयी थी। पुलिस अधीक्षक ने उसे 23 अप्रैल को लाइन हाजिर का आदेश भी दे दिया, लेकिन अभी तक उसकी रवानगी नहीं की तथा अटसलिया के डाले के खेल में शामिल यह सिपाही आज भी पूरी मुस्तैदी से अपने काम को अंजाम दे रहा है।