-कृषि की तकनीकी जानकारियों के लिए भुड़िया गांव अंगीकृत
-उप निदेशक (कृषि) ने तमाम किसानों के बीच की घोषणा
-तृतीय चरण में मिट्टी की जांच को दो हजार नमूने संकलित
शाहजहांपुर। विभिन्न फसलों के उत्पादन में गुणात्मक वृद्धि सुनिश्चित करने और किसानों को खेती से जुड़ी नवीनतम तकनीकी जानकारियों से लैस करने के लिए कृषि विभाग ने कांट क्षेत्र के भुड़िया गांव को एक वर्ष के लिए अंगीकृत किया है। गांव केतमाम किसानों के बीच उप निदेशक (कृषि) डॉ. एपी श्रीवास्तव ने इस आशय की घोषणा की। इस बीच संयुक्त कृषि निदेशक एलवी सिंह ने किसानों को मृदा परीक्षण का महत्व बताते हुए मिट्टी की नियमित जांच कराते रहने को प्रेरित किया।
मौका था ‘मिट्टी पहचाने’ अभियान के तृतीय चरण पर आयोजित मृदा स्वास्थ्य दिवस कार्यक्रम का। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए बरेली मंडल के टास्क फोर्स अधिकारी नामित किए जाने केनाते संयुक्त निदेशक श्री सिंह कार्यक्रम में सहभागिता करने पहुंचे। उन्होंने भावलखेड़ा ब्लाक के बरतारा गांव में भी आयोजित इसी तरह के कार्यक्रम में उपस्थिति दर्ज कराई और अधिकाधिक किसानों से खेतों की मिट्टी का परीक्षण कराने का आग्रह किया।
इससे पहले, भुड़िया में गांव को अंगीकृत करने की डीडीआर ने घोषणा की और किसानों से यह वायदा भी किया कि उन्हें एक वर्ष तक कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने का अभियान चलाया जाएगा। उनकी घोषणा का कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया। यही नहीं, सैकड़ों मृदा नमूने विश्लेषण को स्वेच्छा से जमा कराए। जिला कृषि रक्षा अधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने खेतों में उपलब्ध लाभदायक सूक्ष्म जीवों की जानकारी दी और रासायनिक तत्वों के अधिक इस्तेमाल से होने वाल दुष्प्रभाव गिनाए।
इसी अवसर पर उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी आनन्द कुमार त्रिपाठी ने मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने को उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल और बायो फर्टिलाइजर के उपयोग पर बल दिया। बाद में मृदा विश्लेषक कवल सिंह ने कृषक विनोद कुमार के कृषि फार्म पर किसानों को मिट्टी के नमूने लेने की प्रायोगिक जानकारी दी। डीडीआर डॉ. श्रीवास्तव के अनुसार अभियान के तीसरे चरण में जिले की सभी तहसीलों मेें दो हजार से अधिक नमूने लिए गए हैं। सहायक विकास अधिकारी अजयवीर सिंह के संचालन में हुए कार्यक्रम की व्यवस्था में विषय वस्तु विशेषज्ञ अशोक कुमार, ओमपाल आदि का सहयोग रहा।