ओवरलोडिंग के चलते लगभग पांच घंटे रहा ब्रेक डाउन
- दोपहर से शुरू हुई आपात कटौती ने और रुलाया
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। पॉवर सप्लाई की बढ़ती हुई डिमांड सोमवार को शहर के बिजली नेटवर्क पर एक बार फिर कहर बनकर टूटी। एचटी-एलटी लाइनों पर ओवरलोडिंग के चलते आज सुबह पहले ककरा और बाद में चारखंभा क्षेत्र में रखे ट्रांसफार्मरों के केबिल गर्म होकर जल उठे। इस ब्रेक डाउन से आसपास के कई मोहल्लों में करीब दो घंटे तक बत्ती गुल रही। जैसे-तैसे बिजली सप्लाई चालू हुई, लेकिन कुछ देर बाद ही उस पर आपात कटौती शुरू हो गई।
गर्मी में इजाफा होने के साथ बिजली की मांग भी बढ़ती जा रही है, लेकिन पॉवर कारपोरेशन के अफसरों को ओवरलोडिंग से नेटवर्क को बचाने का कोई रास्ता नहीं सूझ रहा। हालांकि, शाम के समय दिन ढलने पर शहरी क्षेत्र के सभी फीडरों को ब्रेक डाउन से बचाने को दो-दो घंटे की लोकल रोस्टरिंग की जा रही है, लेकिन सुबह के समय मौसम कुछ ठंडा रहने से यह प्रक्रिया अमल में नहीं लाई जा रही।
यही कारण रहा कि आज दिन निकलने के बाद सभी फीडरों पर सामान्य तरीके से बिजली आपूर्ति की गई, लेकिन इसी बीच ककरा और चारखंभा फीडर की लाइनों पर लोड बढ़ गया। इसका पता जब चला जब इन इलाकों में रखे ट्रांसफार्मर गर्म होकर तपने लगे।
ककरा में ट्रांसफार्मर का केबिल सुलगता देख आसपास के लोगों ने सब स्टेशन को इत्तला दी, लेकिन जब तक सप्लाई काटी जाती, केबिल में आग लग गई। इस फाल्ट के बमुश्किल 15 मिनट बाद ही चारखंभा क्षेत्र में जियाखेल के पास रखा ट्रांसफार्मर भी केबिल जलने से ठंडा पड़ गया।
नतीजा यह हुआ कि ककरा कलां, हद्दफ चौकी, मामुड़ी, बीबीजई हद्दफ, तिलहरजई, शहर की पुरानी आवास विकास कालोनी (आंशिक), जियाखेल, मतानी, बाला तिराही, गर्रा फाटक आदि क्षेत्रों में बिजली का संकट पैदा हो गया। एक साथ दो जगह ट्रांसफार्मर ब्रेकडाउन के शिकंजे में आने से फील्ड स्टाफ के भी हाथ-पांव फूल गए। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद सप्लाई शुरू हुई, लेकिन कुछ देर बाद ही आपात कटौती लागू हो गई, जो करीब पांच घंटे तक जारी रहने से लोग बिजली संकट से बेहाल हो गए।