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लाइनमैन की असमान तैनाती से सप्लाई प्रभावित

Mon, 13 Oct 2014 05:33 AM IST
Shahjahanpur
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गदियाना सब स्टेशन पर तीन, तो ककरा में एक भी नहीं
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- बुजुर्ग हो चुके कई लाइन मैनों की कार्य क्षमता में गिरावट
- लाइन मैन की कमी वाले क्षेत्रों में बढ़ रहे बिजली फाल्ट
अनूप वाजपेयी
शाहजहांपुर। पॉवर कारपोरेशन के अधिकारी सब स्टेशनों पर कर्मचारियों की तैनाती में मनमानी कर रहे हैं, जिससे शहरी क्षेत्र की बिजली सप्लाई पर बुरा असर पड़ रहा है। किसी सब स्टेशन पर तीन लाइन मैन नियुक्त हैं, तो किसी पर एक भी नहीं। जिस कारण जिन सब स्टेशनों पर लाइनमैन की कमी है, वहां के बिजली फाल्ट दूर करने में बाधा पड़ रही है।
बिजली सप्लाई के लिहाज से शहरी क्षेत्र को 33 केवी क्षमता वाले सात सब स्टेशनों से जोड़ा गया है। नियमत: प्रत्येक सब स्टेशन पर आठ-आठ घंटे की ड्यूटी के लिए तीन-तीन लाइन मैन नियुक्त होने चाहिए। दो दशक पहले तक यह व्यवस्था कारगर रही, लेकिन पॉवर कारपोरेशन के लाइन स्टाफ में नई भर्तियों पर शासन द्वारा रोक लगाने के बाद से हालात बिगड़ने लगे।
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अब स्थिति यह है कि शहर और देहात के अधिकांश सब स्टेशनों पर विभागीय लाइनमैन की कमी हो गई है। भर्तियों पर रोक लगी होने के कारण जो लाइनमैन सेवानिवृत्त हुए या फिर जिनकी सेवाकाल में मौत हो गई, उनके स्थान रिक्त पड़े हैं। बावजूद शेष बचे विभागीय लाइनमैन की उम्र बढ़ने के साथ उनकी कार्य क्षमता घट रही है। काम लायक जो विभागीय लाइन मैन बचे हैं, उनकी नियुक्ति में मनमानी करके अधिकारी बिजली संकट को परोक्ष तौर पर बढ़ावा दे रहे हैं।
उदाहरणार्थ, निगोही रोड पर गदियाना स्थित 33 केवी सब स्टेशन पर विभागीय लाइन मैन अशोक मिश्रा और अनिल कुमार पहले से तैनात थे। बावजूद इसके अधिकारियों ने ककरा सब स्टेशन के लाइनमैन साबिर खां को भी गदियाना ट्रांसफर कर दिया। अब गदियाना सब स्टेशन पर तीन लाइनमैन हो गए। ककरा सब स्टेशन पर कोई लाइनमैन नहीं बचा, जबकि ककरा सब स्टेशन के फीडरों पर आए दिन फाल्ट होने से वहां लाइन मैन की सख्त जरूरत है।
आफीसर्स कॉलोनी, डीएम कंपाउंड, सिविल लाइंस आदि पॉश इलाकों को बिजली सप्लाई देने वाले गोविंदगंज सब स्टेशन का भी यही हाल है। वहां नियुक्त लाइन मैन बुजुर्ग हो जाने के कारण फाल्ट समय से अटेंड नहीं कर पाते, लेकिन महत्वपूर्ण सब स्टेशन पर अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति में किसी अधिकारी को दिलचस्पी नहीं है। यही वजह है कि ककरा और गोविंदगंज सब स्टेशनों की लाइनों पर होने वाले मामूली फाल्ट ठीक होने में काफी वक्त लग जाता है।


संविदा लाइनमैन के सहारे महकमा
सच तो यह है कि शहरी बिजली नेटवर्क को सुचारु बनाए रखने में विभागीय स्टाफ से अधिक योगदान संविदा लाइनमैन दे रहे हैं। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के जिला सचिव शैलेंद्र पांडेय भी मानते हैं कि संविदा लाइनमैन हटा दिए जाएं तो नेटवर्क को चलाए रखना कठिन हो जाएगा। उन्होंने बताया कि बहादुरगंज सब स्टेशन में विभागीय लाइनमैन की सहायता के लिए तीन संविदा लाइन मैन नियुक्त हैं। हथौड़ा और अब्दुल्लागंज सब स्टेशनों पर इकलौते लाइन मैनों से काम चलाया जा रहा है। रोजा सब स्टेशन पर टीजी टू श्रेणी के कर्मचारियोंसे लाइन मैन का काम लिया जा रहा है।
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तबादला आदेश से गहरा रहा संकट
लाइनमैनों की कमी के बावजूद संवर्ग के जो कर्मचारी शेष हैं, उनके तबादला आदेश से कर्मचारियों की कमी का संकट गहरा रहा है। गदियाना से अटैच ककरा कलां सब स्टेशन के लाइनमैन साबिर खां का गत जून में मुख्य अभियंता पीके गुप्ता ने विभागीय विजिलेंस में तबादला कर दिया। लाइनमैन को रिलीव करने की सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां ने अधीक्षण अभियंता से लिखित सिफारिश भी की, लेकिन कार्मिक संकट देखते लाइन मैन साबिर को रिलीव नहीं किया गया।
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