हनुमान ने फूंक डाली ज्ञानी रावण की लंका
- ओसीएफ और नगर रामलीला में हुआ लंका कांड के प्रसंगों का मंचन
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। सीता का पता चलते ही राम ने हनुमान, नल-नील और सेना के अन्य साथियों के सहयोग से समुद्र पर पुल बांध दिया और लंका में डेरा जमा दिया। रामलीला में इन दिनों लंका कांड से संबंधित ऐसी ही लीलाओं का मंचन हो रहा है।
नगर रामलीला में राम द्वारा लंका पहुंचने पर रावण को समझाने का प्रयास किया गया। अंगद ने रावण के दरबार में जाकर रावण को बहुत समझाने का प्रयास किया, लेकिन रावण ने अपना अहंकार नहीं छोड़ा। इसके बाद मेघनाद और लक्ष्मण का भीषण युद्ध होता है और मेघनाद लक्ष्मण पर वीर घातिनी नामक शक्ति छोड़ देता है, जिससे लक्ष्मण मूर्छित होकर पृथ्वी पर गिर पड़ते हैं और रामादल में हाहाकार मच जाता है। राम भाई लक्ष्मण के लिए बिलख पड़ते हैं। मंचन में सचिन, संदीप, राकेश श्रीवास्तव, विनीत सक्सेना, अनिल शर्मा, मनोज, अनिल शर्मा, बृजेश राठौर, संजय सक्सेना आदि शामिल रहे। इन लीलाओं का मंचन करने से पूर्व निर्भय चंद्र सेठ ने पत्नी लता सेठ, हरिनारायण खन्ना, अतुल कपूर, जय सिंह यादव आदि के साथ मां दुर्गा की झांकी की आरती की।
इधर, ओसीएफ रामलीला में मित्रता का फर्ज अदा करते हुए राम ने बालि का वध करके सुग्रीव को किष्किंधा का राजा घोषित कर दिया। इसके बाद हनुमान जी सीता का पता लगाने के लिए लंका पहुंचते हैं, जहां उनकी मुलाकात रामभक्त विभीषण से होती है। विभीषण के बताने पर हनुमान अशोक वाटिका में सीता से मिलते हैं और उन्हें प्रभु राम का संदेश सुनाते हैं। भूख लगने पर हनुमान वानर स्वभाव के कारण अशोक वाटिका ही उजाड़ देते हैं। रावण के सगे-संबंधियों से हनुमान का युद्ध होता है इसके बाद हनुमान की पूंछ में आग लगा दी जाती है। आग लगने के बाद हनुमान उछल-कूद करते हुए रावण की लंका फूंक देते हैं, जिससे लंका और रावण के दरबार में खलबली मच जाती है।
लीला मंचन में कल्याण राम, रेखा, रोहित सक्सेना, देवेंद्र पाल, प्रमोद सक्सेना, सुभाष श्रीवास्तव, बरखा, वंदना, अंकित सक्सेना, पैट्रिक दास, संदीप आर्य आदि शामिल रहे।
रामलीला में आज
- ओसीएफ में रामादल में हनुमान की लंका से वापसी, विभीषण को देश निकाला, विभीषण का श्रीराम के चरणों में शरणागत होने आदि लीलाओं का मंचन।
- नगर रामलीला में कुंभकरण और मेघनाद वध, सुलोचना का सती होने आदि लीलाओं का मंचन।