रामगंगा पर पुल निर्माण के लिए बाबा और भाकियू आंदोलित
अमर उजाला ब्यूरो
जलालाबाद। रामगंगा नदी पर पुल बनवाने की मांग को लेकर क्षेत्र के दो स्थानों पर आंदोलन शुरू हो गए हैं। दोनों जगह के आंदोलनकर्ताओं की मांग एक ही है परंतु पुल बनाने के स्थान को लेकर मतभेद है एक स्थान के आंदोलनकर्ता पुल का निर्माण हैदलपुर घाट पर जबकि दूसरे शमसीपुर घाट पर बनवाए जाने की मांग कर रहे हैं।
भाकियू ने शुरू किया धरना
रामगंगा नदी पर शमसीपुर घाट से पुल निर्माण कराने की मांग को लेकर सोमवार से भाकियू कार्यकर्ता आंदोलन शुरू करते हुए धरने पर बैठ गए। भाकियू के जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह के नेतृत्व में शुरू हुए इस आंदोलन में आसपास के ग्रामीणों के अलावा जिले के विभिन्न स्थानों के पदाधिकारी भी शामिल हुए। आंदोलन के संयोजक श्याम किशोर अग्निहोत्री ने बताया कि धरने के दौरान हुई पंचायत में निर्णय लिया गया है कि तीन दिन धरने के बाद भूख हड़ताल शुरू कर दी जाएगी और इसके बाद भी उन लोगों की बात पर गौर न किया गया तो लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।
अनशनकारी बाबा का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
हैदलपुर घाट पर पुल निर्माण कराए जाने की मांग को लेकर चार दिन से भूख हड़ताल पर बैठे बाबा शांतिदास की कलान से पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को जांच पड़ताल की। टीम में डॉ. दिनेश प्रताप व डॉ. आर्येंद्र कुमार शामिल थे। भूख हड़ताल के चौथे दिन बड़ी तादाद में महिलाएं भी आंदोलन स्थल पर मौजूद रहीं। बाबा ने बताया कि उनके द्वारा शुरू किए गए आंदोलन को इस क्षेत्र से नहीं बल्कि मिर्जापुर व परौर क्षेत्र के लोगों का भारी समर्थन मिल रहा है बोले इस बार आरपार की लड़ाई होगी और पुल निर्माण होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान हैदलपुर घाट पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।