बंडा (शाहजहांपुर)। कबाड़ पर बेची गई एक क्विंटल किताबें सोमवार रात बरामद नहीं किए जाने पर तमाम किताबें रात में ही गायब कर दी गईं। मंगलवार को मामले में खानापूरी करते हुए कबाड़ से 72 किताबें बरामद की गईं। प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि यह किताबे पीलीभीत जिले से लाकर बेची गई हैं।
गौरतलब है कि बंडा में एक कबाड़ की दुकान पर सोमवार को सरकारी स्कूलों में निशुल्क वितरित होने वाली कक्षा एक से आठ तक की कई विषयों की एक क्विंटल (लगभग एक हजार) किताबों को एक कबाड़ पर बेचा गया था। सोमवार शाम ही एसडीएम, बीएसए, बीईओ को कबाड़ पर किताबें बेचे जाने की सूचना भी दी गई थी, लेकिन कोई अधिकारी रात में कबाड़ी की दुकान पर पर न तो जांच को पहुंचा और न ही पुलिस से किताबें बरामद करवाने की ही जरूरत समझी। नतीजतन मौका पाकर कबाड़ी ने अधिकांश किताबों को कबाड़ से गायब कर दिया। मंगलवार को कार्रवाई के लिए बंडा के बीईओ शत्रुघ्न सरोज ने सुबह कबाड़ की दुकान पर छापा मारा तो वहां सिर्फ 79 सरकारी किताबें ही मिल सकीं। जिसमें सात किताबें वर्ष 2017-18 और 72 किताबें वर्ष 2016-17 की हैं। कबाड़ की दुकान के मालिक सियाराम ने सोमवार को एक क्विंटल किताबें खरीदने की बात कही थी, लेकिन मंगलवार उसने 25 किलो रद्दी खरीदने की बात कहकर खुद को बचाने का प्रयास किया। बीईओ ने सियाराम और किताबें कबाड़ पर बेचने वाले गांव नभीची के रामेश्वर के बयान दर्ज किए हैं।
रामेश्वर ने बताया कि किताबों को वह पूरनपुर क्षेत्र से खरीदकर लाया था। सरकारी किताबें कबाड़ पर मिलने से शिक्षा विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। ब्लॉक क्षेत्र के सभी न्याय पंचायतों के एनपीआरसी को बीआरसी केंद्र पर तलब किया गया है और जानकारी ली गई। विभाग को सूचना के बाद भी छापेमारी न किए जाने और तमाम किताबें गायब हो जाने से कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
कबाड़ पर मिली किताबों पर पड़े कोड नंबर जिले में सप्लाई की गई किताबों के नंबर से अलग हैं। फिर भी जांच कराई जा रही है। दोषी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी चाहे वह बंडा के हों या पूरनपुर क्षेत्र के। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
शत्रुघ्न सरोज, बीईओ बंडा