शाहजहांपुर। ई-रिक्शा चालक बालेश्वर का अंतिम संस्कार होने के बाद अब पुलिस कार्रवाई के मूड में आ गई है। घटना वाले दिन हाईवे पर बालेश्वर रखकर जाम लगाकर बवाल करने वालों की पुलिस ने पहचान शुरू कर दी है। पहचान के बाद पुलिस बवाल करने वालों पर कार्रवाई करेगी।
मौजमपुर गांव निवासी ई-रिक्शा चालक 55 वर्षीय बालेश्वर की एक जनवरी को हुई मौत के बाद परिजनों एवं ग्रामीणों ने हाईवे पर शव रखकर करीब छह घंटे जाम लगाया था। लोगों का आरोप था कि बालेश्वर की मौत पुलिस की पिटाई से हुई है। जाम के दौरान उपद्रवियों ने पथराव कर एक रोडवेज बस के शीशे तोड़ दिए थे। उपद्रवियों काबू में करने को पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। इस पर भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया था। पुलिस ने जैसे-तैसे स्थिति को काबू में किया गया। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद बालेश्वर का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अब हाईवे पर हुए बवाल के वीडियो फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। इन फुटेज में चेहरों की पहचान होने पर पुलिस बवाल करने वालों पर कार्रवाई की बात कह रही है। हालांकि बृहस्पतिवार को भी पुलिस ने मामले की कोई रिपोर्ट दर्ज की है।
दोषी पुलिस कर्मियों पर दर्ज हो रिपोर्ट
शाहजहांपुर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक मेें ई-रिक्शा चालक की मौत का मामला उठाया गया। बैठक में मौजूद पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कहा कि दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की जाए। साथ ही मृतक आश्रितों को 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। बैठक मेें कामरेड रामशंकर लाल, मोहम्मद सलीम, सुरेश कुमार आदि मौजूद थे। ब्यूरो