रेल यात्रियों के लिए रविवार के बाद सोमवार का दिन भी मुश्किलों भरा रहा। सोमवार को डाउन लाइन पर छह घंटे के मेगा ब्लॉक से दिल्ली-लखनऊ रेल रूट पर ट्रेनों के पहिए थमे रहे। आधा दर्जन रेलगाड़ियों को रास्ते में रोक-रोक कर चलाया गया। शाम पांच बजे ब्लॉक खत्म होने के बाद लाइन क्लियर हो सकी। इसके बाद रेलगाड़ियों का संचालन सामान्य हुआ। हालांकि, छह घंटे के मेगा ब्लॉक से कई रेलगाड़ियां देरी से चलीं। ब्लॉक के दौरान लखनऊ की ओर जाने वाले सैकड़ों यात्री रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का इंतजार करते नजर आए।
रेलवे ने रविवार को मुरादाबाद से लखनऊ के बीच अप लाइन पर पांच घंटे का मेगा ब्लॉक लिया था। इस दौरान कई स्थानों पर स्लीपर और रेल ट्रैक बदलने का काम किया गया। उम्मीद थी कि सोमवार को रेल यात्री ट्रेनों की लेट-लतीफी का सामना नहीं करेंगे। लेकिन सोमवार को दिन में डाउन लाइन पर स्लीपर और ट्रैक बदलने के लिए सुबह 11 से शाम पांच बजे तक का मेगा ब्लॉक ले लिया गया। इससे दिल्ली, काठगोदाम, देहरादून से लखनऊ की ओर जाने वाले रेलगाड़ियां प्रभावित रहीं। बरेली से सिंगरौली जाने वाली डाउन-14370 त्रिवेणी एक्सप्रेस करीब तीन घंटे देरी से डिपार्टचर की गई। जम्मू से कोलकाता जाने वाली 13152-सियालदह एक्सप्रेस सोमवार को रद्द रही। 16910 जननायक एक्सप्रेस को रास्ते में कई स्थानों पर रोका गया। इससे यात्रियों को परेशानी हुई। 12204 गरीब रथ एक्सप्रेस और 15044 काठगोदाम-लखनऊ एक्सप्रेस को भी रास्ते में रोकना पड़ा। इनके पीछे आने वाली डाउन लाइन की कई अन्य रेलगाड़ियां भी प्रभावित हुईं। रेल अधिकारियों के मुुताबिक मेगा ब्लॉक के दौरान मुरादाबाद से लेकर लखनऊ तक डाउन लाइन पर कई स्थानों पर स्लीपर और ट्रैक बदलने का काम किया गया है। सुरक्षा और संरक्षा के मद्देनजर यह काम जरूरी था।
रेल सेक्शन में एक दर्जन मालगाड़ियां भी ठहरीं
रविवार को अप लाइन और सोमवार को डाउन लाइन पर मेगा ब्लॉक के रेलवे की माल ढुलाई भी प्रभावित हुई। अकेले शाहजहांपुर/रोजा रेल सेक्शन की बात करें तो यहां करीब एक दर्जन मालगाड़ियां का संचालन नहीं हो सका। रविवार को अप लाइन पर ब्लॉक के छह मालगाड़ियों को रोजा यार्ड में रोकना पड़ा था। सोमवार को भी ब्लॉक की वजह से हालात में खास सुधार नहीं हुआ। रेल सेक्शन में करीब एक दर्जन मालगाड़ियां के पहिए थम गए हैं। इसका सीधा असर माल ढुलाई पर देखने को मिल रहा है। सोमवार को शाहजहांपुर और रोजा पार्सल विभाग अन्य दिनों की तरह कामकाज होता नजर नहीं आया।
एक महीने में 14 वीं बार लिया मेगा ब्लॉक
रेलगाड़ियों की पहले से लेट-लतीफी और उसके बाद हर महीने कई ब्लॉक रेल यात्रियों की परेशानी का सबब बने हुए हैं। रेलवे इस तरह के ब्लॉक को सुरक्षा और संरक्षा के लिहाज से आवश्यक मानता है। गौर करने वाली बात यह है कि अप और डाउन लाइन पर सोमवार को एक महीने में लिया गया यह 14 वां ब्लॉक था। इस दौरान छह बार मेगा ब्लॉक लिए गए और आठ बार छोटे-मोटे ब्लॉक रेलगाड़ियों की रफ्तार पर ब्रेक लगाते रहे। बार-बार मेगा ब्लॉक का खामियाजा रेलयात्रियों को भुगतना होता है।
डाउन लाइन पर कई जगह स्लीपर और रेल ट्रैक बदलने के लिए सोमवार को मेगा ब्लॉक लिया गया। सुरक्षा और संरक्षा के लिए समय-समय पर रेल ट्रैक की मरम्मत भी जरूरी होती है। ब्लॉक से आधा दर्जन से ज्यादा सवारी गाड़ियां और एक दर्जन से ज्यादा मालगाड़ियां प्रभावित रही हैं।
- ओमशिव अवस्थी, स्टेशन अधीक्षक