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चचेरे-तहेरे भाई बहगुल में डूबे, एक का शव मिला

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चचेरे-तहेरे भाई बहगुल में डूबे, एक का शव मिला
अमर उजाला ब्यूरो
जलालाबाद (शाहजहांपुर)। गांव फरीदपुर में रविवार को बहगुल नदी में नहाते वक्त सगे चचेरे तहेरे भाई डूब गए। कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने एक का शव निकाल लिया है जबकि देर शाम तक दूसरे का कुछ पता नहीं लगा। दोनों भाई घास काटने खेत पर गए थे। घास काटने के बाद नदी में नहाने लगे।
ओमवीर का 13 वर्षीय बेटा रामशंकर अपने ताऊ दोदराम के 14 साल के बेटे सुधीर और गांव के ही कुछ किशोरों के साथ बहगुल नदी के किनारे खेतों से पशुओं के लिए घास लेने गए थे। घास काटने के बाद सभी बहगुल नदी में नहाने लगे। इसी दौरान रामशंकर और सुधीर गहराई में चले जाने से डूबने लगे। अन्य साथियों ने दोनों को बचाने की कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। बाकी किशोर चिल्लाते हुए गांव पहुंचे और सुधीर, रामशंकर के बहगुल में डूबने की बात बताई। इससे हड़कंप मच गया। गांव में जिसने भी सुना वह मौके की ओर दौड़ पड़ा। गांव पंखा खेड़ा से गोताखोरों को बुलाकर दोनों किशोरी की तलाशी शुरू कराई गई। काफी मशक्कत के बाद सुधीर का शव तो मिल गया, लेकिन रामशंकर का देर शाम तक कुछ पता नहीं लगा। सूचना पर तहसीलदार इरफान उल्ला और कोतवाल हरेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए। मिर्जापुर से भी गोताखोरों को बुलाया गया। इसके बावजूद गोताखोर रामशंकर को तलाश नहीं कर सके। रामशंकर कक्षा छह का और सुधीर कक्षा सात में पड़ता था।
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14 गोताखोर छह घंटे में तलाश पाए एक शव
जल स्तर कम होने के बाद भी बहगुल अब भी उफान पर दिख रही है। दोनों किशोरों को तलाश करने के लिए 14 गोताखोरों की टीम दिन भर जुटी रही। नदी के गहराई वाले स्थानों पर जाल भी डाला गया। इसके बावजूद करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद 14 गोताखोरों की टीम छह घंटे में एक ही शव निकाल सकी। दूसरे किशोर का कुछ पता नहीं चल सका है।
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