विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा है कि निजीकरण के खिलाफ संघर्ष में बिजली उपभोक्ता कर्मचारियों के साथ सहयोग बनाए रखें क्योंकि आंदोलन की सफलता का प्रत्यक्ष लाभ सस्ती बिजली के तौैर पर उन्हें भी मिलेगा। कार्य बहिष्कार के तहत समिति से जुड़े घटक संगठनों के पदाधिकारियों ने शनिवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय में आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान सभा में बिजली उपभोक्ताओं से समर्थन मांगा।
विद्युत मोर्चा संगठन के जोन अध्यक्ष संजीव तिवारी की अध्यक्षता में हुई सभा में अभियंता संघ के शाखा सचिव विवेक पटेेल ने कहा कि सरकार की हठधर्मिता के चलते कर्मचारियों और संसाधनों की कमी के बावजूद उपभोक्ताओं के हित को देखते बिजली सप्लाई संबंधित सारे कार्य लक्ष्य के अनुरूप किए जा रहे हैं। इसके लिए कर्मचारी समय सीमा करी परवाह भी नहीं कर रहे। इसके बावजूद सरकार निजीकरण पर आमादा है। इसे देखते आंदोलन को व्यापक स्वरूप दिए जाने की जरूरत है और इसके लिए जनता को साथ लेना होगा।
इस मौके पर समिति के घटक संगठनों के पदाधिकारियों ने तय किया कि शहर में मोटर साइकिल रैली, कैंडिल मार्च, मानव श्रंखला आदि कार्यक्रम किए जाएंगे, जिससे कि जन सामान्य को निजीकरण विरोधी अभियान से जोड़ा जा सके। धरना-प्रदर्शन मेें राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन, विद्युत तकनीकी कर्मचारी एकता संघ, बिजली कर्मचारी संघ, हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंपलाइज यूनियन, कार्यालय संघ आदि से जुड़े आरकेे उपाध्याय, प्रदीप राय, मनीष प्रजापति, केके पटेल, शैलेश कुमार, लाल बहादुर यादव, गजेंद्र कुमार, सुखपाल सिंह, फकीरे लाल, अनिल यादव, अजय सक्सेेना, सवक राम राणा, प्रदीप भारती, शिवकुमार, विनोद सिंह आदि शामिल रहे।