बिजली कर्मचारी आज करेंगे पूर्णकालिक कार्य बहिष्कार
लाइन फाल्ट होने पर बिजली को तरस जाएंगे उपभोक्ता
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर।
निजीकरण के विरोध में रोजाना दो घंटे सांकेतिक कार्य बहिष्कार के बावजूद प्रदेश सरकार से आंदोलन को कोई तवज्जो नहीं मिलने पर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति से जुड़े अभियंता मंगलवार को प्रांतीय आह्वान पर पूर्णकालिक कार्य बहिष्कार करेंगे। ऐसी स्थिति में कोई लाइन फाल्ट होने पर प्रभावित क्षेत्र के उपभोक्ता बिजली को तरस जाएंगे। इस बीच, समिति से जुड़े अभियंताओं और कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में सोमवार को सातवें दिन भी धरना-प्रदर्शन जारी रखा।
धरनास्थल पर मोहम्मद मायूब की अध्यक्षता में हुई विरोध सभा में मंगलवार को सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक कार्य बहिष्कार प्रभावी रखनेे का निर्णय किया। सभा में उप्र विद्युत अभियंता संघ के शाखा सचिव विवेक पटेल ने कहा कि निजीकरण के फैसले से उपभोक्ताओं को महंगी बिजली खरीदनी पड़ेगी। इसलिए उपभोक्ताओं को पूर्णकालिक कार्य बहिष्कार के निर्णय से थोड़ी असुविधा हो सकती है, लेकिन इस लड़ाई से उनका हित भी जुड़ा है। इसलिए हड़ताल के दौरान कोई फाल्ट होने की दशा में उन्हें संयम और सहयोग बनाए रखना होगा।
इस मौके पर राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के जिलाध्यक्ष प्रदीप राय, तकनीकी कर्मचारी एकता संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुखपाल सिंह, विद्युत मोर्चा संगठन के क्षेत्रीय अध्यक्ष संजीव तिवारी, विद्युत कार्यालय सहायक संघ के जिलाध्यक्ष लाल बहादुर, बिजली कर्मचारी संघ के अध्यक्ष एए मलिक, हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंपलाइज यूनियन के जिलाध्यक्ष अनिल तनेजा और लेखाकार कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मोहसिन अनवर ने एक स्वर से निजीकरण का फैसला वापस लिए जाने की मांग की। धरना-प्रदर्शन में मनीष प्रजापति, माता प्रसाद, मयंक गास्वामी, पीके राय, अरुण यादव, गौरव मिश्रा आदि शामिल रहे।