हत्याभियुक्त को उम्रकैद
पचास हजार रुपये अर्थ दंड से भी किया गया दंडित
शराब पिलाने के बहाने घर से बुलाकर की थी हत्या
मदनापुर के गांव हैदलपुर का बलवीर हत्याकांड
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। थाना मदनापुर क्षेत्र के गांव हैदलपुर में वर्ष 2013 में हुई हत्या के एक मामले में अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश गोपाल उपाध्याय ने एक आरोपी को दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
गांव हैदलपुर निवासी अवधेश सिंह ने 19 मार्च 2013 को मदनापुर थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया कि 18 मार्च 2013 की शाम छह बजे उसके पिता बलवीर सिंह को गांव का राजू सिंह घर से शराब पिलाने के बहाने बुला ले गया। उस समय घर पर वह और उसके भाई उपदेश, मां आशा देवी, फूफा सत्यपाल मौजूद थे। सभी ने पिता को राजू के साथ जाते हुए देखा। रात करीब आठ बजे उसके पिता राजू के घर से घायल अवस्था में भागते हुए पड़ोस में स्थित पूर्व प्रधान नरेंद्रपाल सिंह के दरवाजे पर आए। पिता के गले में चोट थी, इसलिए वह बोल नहीं पा रहे थे। इशारा करके प्रधान के घर से कॉपी कलम लिखने के लिए मांगा। कॉपी पर पिता ने केवल इतना लिखा कि राजू ने छुरी की है। पीड़ित ने बताया कि पिता को गंभीर हालत में प्रधान की गाड़ी से लादकर इलाज के लिए बरेली ले जा रहे थे। बरेली के पास रास्ते में उनकी मौत हो गई। मदनापुर पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय भेजा। मुकदमें में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील सुनील कुमार सिंह की ओर से पेश आठ गवाहों के बयान सुनने व बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी राजू सिंह को घटना का दोषी पाते हुए उसे आजीवन कारावास व पचास हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया है।