डिफाल्टरों पर कार्रवाई को बैंक खातों की भी पड़ताल
शाहजहांपुर। कर देनदारी का भुगतान न करने वाले डिफाल्टरों के बैंक खातों की भी आयकर विभाग पड़ताल कर रहा है। कुछ खाते ट्रेस करने के बाद इनसे हुए लेन-देन की पड़ताल की जा रही है। आयकर विभाग हाई डिमांड वैल्यू करदाताओं को नोटिस भेज रहा है। स्कूल प्रबंधक आलोक अंचल के बैंक खातों से वर्ष 2010-11 और 2012-13 में हुए लेनदेन की भी पड़ताल हो रही है। फिलहाल आगे की कार्रवाई को गोपनीय रखा जा रहा है। वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले जिले में कुछ और कार्रवाइयों से इंकार नहीं किया जा सकता।
आयकर विभाग ने डान एंड डोना स्कूल के प्रबंधक आलोक रंजन पर 1.31 करोड़ से ज्यादा देनदारी निकाली थी। भुगतान न करने पर चीफ इंकम टैक्स कमिश्नर शिशिर अग्रवाल के निर्देश पर कर वसूली अधिकारी राजीव मिश्रा ने मंगलवार को शहर से सटे हथौड़ा गांव स्थित आलोक अंचल की एक एकड़ 72 डिस्मिल जमीन विभाग से अटैच करने की कार्रवाई की थी। आलोक अंचल के बैंक खातों की भी जांच चल रही है। इधर, हाई डिमांड वैल्यू वाले करदाताओं को नोटिस दिए जाने की प्रक्रिया भी चल रही है। आलोक अंचल के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद कई डिफाल्टर्स बचाव में भी जुट गए हैं। आलोक अंचल के पास जमीन की नीलामी से बचने के लिए कई रास्ते अब भी खुले हुए हैं। वह आयकर विभाग गलत देनदारी निकालने और जमीन अटैच करने को मनमानी कार्रवाई का आरोप लगाने के साथ हाई अथॉरिटी में अपील की बात कह चुके हैं। ऐसे में मामला लंबा भी खिंच सकता है। दूसरी ओर आयकर विभाग भी वसूली पर अड़ा हुआ है। इस मामले में कार्रवाई आयकर अधिनियम 1961 की धारा 220(2) के अनुसार की जा रही है। इसमें ब्याज के साथ वसूली का प्रावधान है। वसूली में कार्यवाहियों की लागत, शुल्क और व्यय शामिल रहता है। इस धारा के तहत आयकर विभाग को अटैच संपत्ति की नीलामी करने का अधिकार भी है। डिफाल्टरों के खिलाफ कार्रवाई को आयकर विभाग गोपनीय रख रहा है।
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वर्जन-
करदाताओं को डिमांड नोटिस जारी किए जा रहे हैं। करदाताओं के सामने स्टे और अपील का रास्ता भी है। बैंक खातों से हुए लेन-देन की पड़ताल नियमित प्रक्रिया भी है। बड़े बकायेदारों के खिलाफ संपत्ति अटैच करने की कार्रवाई की जाती रहेगी।
-वीएस बिष्ट, आयकर अधिकारी