नई दिल्ली में प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के आंदोलन में सहभागिता करके शनिवार को सुबह यहां पहुंचे भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रवादी गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीपी सिंह यादव ने कहा कि केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों से हुई सकारात्मक वार्ता से लगता है कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट किसान हित में जल्द लागू होगी। पीडब्ल्यूडी अतिथि गृह में पत्रकारों से वार्ता में किसान नेता ने कहा कि किसानों के हित की समान मांगों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना द्वारा आंदोलन किए जाने पर भाकियू ने उनको बिना शर्त समर्थन दिया।
उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने नई दिल्ली में अनशन करके जो मुद्दे उठाए, वही बातें भारतीय किसान यूनियन की पंचायतों में भी होती रही हैं। भाकियू लंबे समय से किसानों को फसलों का वाजिब मूल्य दिए जाने, किसान आयोग का गठन करने, 60 वर्ष और इससे अधिक आयु के किसानों को आर्थिक सुरक्षा के लिए पेंशन देने की मांग करती रही है। चूंकि, अन्ना हजारे ने भी इन्हीं मुद्दों को लेकर अनशन किया। इसलिए स्वाभाविक रूप से उन्हें यूनियन का समर्थन देने के लिए 23 मार्च को दिल्ली जाकर उनसे शिष्टाचार भेंट की और उनके आंदोलन में यूनियन पदाधिकारियों के साथ सहभागिता की।
मोदी सरकार के चार साल के कार्यकाल में चुनावी वादों को हाशिए पर डाल दिए जाने का उल्लेख करने पर भाकियू नेता ने कहा कि सरकार के प्रतिनिधियों से वार्ता के दौरान यह शंका जाहिर की गई कि इस बात की गारंटी कौन देगा कि जिन मांगों पर लिखित समझौता हुआ, उनसे सरकार नहीं मुकरेगी। इस पर केंद्र के वार्ताकारों ने स्पष्ट कहा कि किसानों की भलाई से जुड़े फैसलों पर जल्द अमल किया जाएगा। किसान नेता यादव ने कहा कि समझौते के अनुरूप एक माह में कार्यवाही नहीं होने पर अन्ना ने आंदोलन फिर शुरू कर देने का विकल्प खुला रखा है। इस मौैके पर भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र सिंह, मंडल अध्यक्ष मुनीश्वर दयाल कठेरिया, जिलाध्यक्ष जीशान रजा खां, प्रेमराज भारती आदि मौजूद रहे।