मिलावट के पांच मामलों में विक्रेताओं पर 2.10 लाख का जुर्माना
गाय-भैंस के दूध, पॉम आयल और बेसन के नमूने हुए थे फेल
शाहजहांपुर।
विभिन्न खाद्य वस्तुओं के भरे गए पांच नमूने जांच में अपमिश्रित तथा अधोमानक पाए जाने पर विभागीय अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध न्याय निर्णायक अधिकारी/ एडीएम प्रशासन के न्यायालय में मुकदमे दर्ज कराए थे। इन वादों में दोनों पक्षों की सुनवाई करने के बाद एडीएम जितेंद्र कुमार शर्मा ने संबंधित विक्रेताओं को 2.10 लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी रामजी शुक्ला ने 22 जुलाई 2016 को खिरनीबाग तिराहा के पास रोजा क्षेत्र के गांव बसुलिया निवासी दूध विक्रेता लल्ला सिंह से गाय-भैंस के मिश्रित दूध और 26 अक्तूबर 2016 को जलालाबाद के भजेहड़ा तिराहा स्थित गुरदीप की किराना दुकान से रिफाइंड पॉम ऑयल का नमूना लिया था। लखनऊ और वाराणसी स्थित राजकीय जन विश्लेषक प्रयोगशाला में नमूनों की जांच कराने पर दूध में एसएनएफ (सॉलिड नॉट फैट) की मात्रा केवल सात प्रतिशत पाई गई, जो कि नियत मानक से 1.5 प्रतिशत कम निकली। पॉम ऑयल का दूसरा नमूना भी रासायनिक जांच की कसौटी पर अधोमानक पाया गया। इस पर खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहीत अधिकारी डीपी सिंह ने दोनों विक्रेताओं के विरुद्ध एडीएम कोर्ट में मुकदमे दर्ज कराए थे।
एडीएम ने दोनों विक्रेताओं को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया, लेकिन उनके वकील बचाव में कोई ठोस तर्क नहीं दे सके। दूध विक्रेता लल्ला सिंह द्वारा परिवार की गरीबी का वास्ता दिए जाने पर एडीएम ने उसे 25 हजार रुपये जुर्माना और किराना व्यवसायी गुरदीप को 50 हजार रुपये जुर्माना राशि अदा करने का आदेश दिया। इसी तरह खाद्य सुरक्षा अधिकारी शंभू दयाल ने अल्हागंज (जलालाबाद) क्षेत्र के गांव मानगढ़ निवासी दूध विक्रेता अंकित से हुल्लापुर चौराहा के पास 15 दिसंबर 2016 को दूध का नमूना लिया था।
नमूने की जांच में एसएनएफ 17 फीसदी निकला, लेकिन दूध में चिकनाई की मात्रा कम पाई गई। पूछताछ में अंकित ने स्वीकार किया कि उसने विभाग से दूध बिक्री का लाइसेंस नहीं बनवाया है। इस मामले में मुकदमे की सुनवाई पूरी करके एडीएम ने दूध विक्रेता को खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम की धारा 51 व 58 का उल्लंघन करने का दोषी पाते हुए 50 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेश कुमार ने तिलहर में स्टेशन रोड के पास मीरानपुर कटरा क्षेत्र के गांव खड़खड़ी निवासी रतीराम से गाय के दूध का नमूना लिया था। बेसन एक अन्य नमूना बिलसंडा क्षेत्र के गांव रायपुर बसंत निवासी राजकुमार से लिया गया। जांच रिपोर्ट के अनुसार गाय के दूध में एसएनएफ केवल पांच प्रतिशत निकला और बेसन में मटर का स्टार्च पाया गया। इन दोनों मामलों में एडीएम शर्मा ने रतीराम को 25 हजार रुपये और राजकुमार को 60 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया।