शाहजहांपुर। रकम दोगुनी करने का झांसा देकर लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डालकर वर्ष 2013 में फरार हुई चिटफंड कंपनी से जुड़े आठ जालसाजों को आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन पुलिस मुख्यालय लखनऊ की टीम और स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस को इस मामले में अभी एक विधायक के रिश्तेदार समेत 49 लोगों की तलाश है। चिटफंड कंपनी के निदेशक कोलकाता का रहने वाले हैं, लिहाजा उन लोगों की गिरफ्तारी के लिए भी एक टीम वहां भी भेजी गई है।
रामेल चिटफंड कंपनी का कार्यालय वर्ष 2009 में थाना सदर बाजार क्षेत्र में घंटाघर के पास खोला गया था, जिसमें रोजा निवासी प्रमोद गुप्ता बतौर प्रबंधक कार्यरत था। उसके साथ में सिंधौली निवासी अमित सिंह भी था। इन लोगों के कहने पर थाना पुवायां के मोहल्ला छावनी निवासी मनीष अवस्थी ने तमाम लोगों की पांच-पांच सौ और एक-एक हजार रुपये की आरडी, एफडी खुलवाईं और नियमित रूप से रुपये जमा कराना शुरू किया। इसके बाद अन्य लोग भी इस कंपनी में बतौर एजेंट जुड़ गए और लोगों के रुपये कंपनी के नाम पर वसूल करते रहे। वर्ष 2013 में अचानक कंपनी तमाम लोगों के करोड़ों रुपये लेकर चंपत हो गई। मामले की रिपोर्ट मनीष अवस्थी ने कंपनी के प्रबंधक प्रमोद और अमित सिंह के खिलाफ सदर थाने में 30 दिसंबर 2013 को दर्ज कराई। चूंकि मामला आर्थिक अपराध से जुड़ा था, इसलिए जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन पुलिस मुख्यालय लखनऊ को सौंपी गई।
आर्थिक अपराध अनुसंधान ने की थी जांच
जांच टीम में शामिल इंस्पेक्टर रमेश चंद्र यादव, राधेश्याम सिंह ने कंपनी के रजिस्ट्रेशन नंबर लेकर जांच-पड़ताल शुरू की तो जालसाजों के नाम सामने आते गए। कंपनी के निदेशक के तौर पर कलकत्ता निवासी रामेश्वर पोद्दार, रामेंद्र मोहन सरकार उसके बेटे राहुल सरकार, सुकांतो देव, अंजनदास, रंजीता पोद्दार उसके पति गोपाल पोद्दार और पार्थो दास के नाम सामने आए। इसके अलावा 57 अन्य नाम भी सामने आए जो कंपनी बंद होने के बाद भी तीन-चार माह तक निवेशकों से रुपये जमा कराते रहे।
तीन दिन पहले पहुंची टीम
नाम प्रकाश में आने पर आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन की टीम ने तीन दिन पहले यहां डेरा डाल दिया और सदर पुलिस के सहयोग से अल्हागंज निवासी शाकिर हुसैन, कांट निवासी अरुण शर्मा, जयप्रकाश, अजयपाल, जगदीश, मिर्जापुर निवासी रामगोपाल, तिलहर निवासी राजीव और अवधेश को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए सभी आरोपियों को बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया गया और सभी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। सभी कंपनी के एजेंट थे। इंस्पेक्टर रमेश चंद्र यादव ने बताया कि अभी 49 लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। फरार लोगों में एक विधायक का रिश्तेदार भी बताया जा रहा है।
मुख्य रूप से इन लोगों की है तलाश
आवास विकास निवासी सूरजपाल वर्मा और उसकी बेटी रेखा, अल्हागंज निवासी अनुज त्रिवेदी, जलालाबाद निवासी राजेश शर्मा, आईटीआई कॉलोनी निवासी प्रमोद गुप्ता, नानकगंज हरदोई निवासी बृजेश गुप्ता, जलालाबाद निवासी अजीत सक्सेना, तब्बनशाह, दीपक शर्मा, महमंद जलालनगर निवासी अशोक शर्मा समेत 49 लोगों की पुलिस को तलाश है।