छंटनी के विरोध में संविदा बिजली कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार
अधीक्षण अभियंता कार्यालय में धरना देकर सरकार पर बरसे
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। पावर कारपोरेशन के संविदा कर्मचारियों ने प्रदेश स्तर पर छंटनी किए जाने के साथ तहसील से बाहर तबादला प्रक्रिया शुरू किए जाने के विरोध में बुधवार से कार्य बहिष्कार शुरू कर अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में धरना दिया। दिन में 11 बजे से लेकर शाम चार बजे तक संविदा स्टाफ के काम नहीं करने से लाइन फाल्ट और मेंटीनेंस से जुड़े कई काम प्रभावित हुए। इस बीच कर्मचारियों ने सर्किल आफिस में धरना देकर सभा की और सरकार के दोनों फैसले कर्मचारी विरोधी बताते हुए उन्हें तत्काल वापस लेने की मांग की।
सभा की अध्यक्षता करते हुए संगठन के जोनल अध्यक्ष नवल किशोर सक्सेना ने कहा कि प्रदेश में 70 हजार संविदा कर्मचारी विभाग की रीढ़ बने हैं। यह कर्मचारी कोई तकनीकी दक्षता और अहर्ता प्राप्त नहीं हैं। उन्हें पावर सिस्टम पर काम करने लायक बनाने के लिए संबंधित क्षेत्र के अभियंता सुविधा के अनुरूप प्रशिक्षित करते हैं। थोड़े समय तक काम करने के बाद संविदा कर्मचारियों को दूसरी तहसीलों में भेज दिए जाने पर उन्हें नए क्षेत्र के सिस्टम को समझने में वक्त लगेगा और ऐसी स्थिति में बिजली सप्लाई व्यवस्था लड़खड़ाएगी और कर्मचारियों के साथ दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाएगी।
जिला अध्यक्ष मोहम्मद रफी ने कहा कि विभाग में लंबे समय से रिक्त पदों पर भर्ती नहीं होने से लाइनों के अनुरक्षण, कनेक्शन काटने जोड़ने, बिलिंग आदि निगम के सारे कार्य संविदा कर्मचारी कर रहे हैं। सरकार ने संविदा स्टाफ की संख्या में कमी करने का प्रस्ताव वापस नहीं लिया तो विभागीय कामकाज प्रभावित होने के साथ सैकड़ों परिवारों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो जाएगा। धरना-प्रदर्शन में कार्यक्रम संयोजक अशोक पाल, कार्यकारी जिला अध्यक्ष मुनीश पाल, मनोज सक्सेना, कपिल देव, उपेंद्र मिश्रा, अशोक सक्सेना, दिलीप कुमार आदि शामिल रहे।