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पूर्ति निरीक्षक के तबादले की मांग कर वकीलों ने किया हंगामा

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पूर्ति निरीक्षक के तबादले की मांग कर वकीलों का हंगामा
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दफ्तर बंद कराए,एसडीएम व तहसीलदार से हुई नोकझोंक
भारी पुलिस बल के पहुंचते ही तहसील परिसर छावनी में तब्दील
एडीएम ने वकीलों से समझौता वार्ता लेकिन रही विफल
फोटो-23,24,25
अमर उजाला ब्यूरो
तिलहर। पूर्ति निरीक्षक के तबादले की मांग को लेकर वकीलों ने शुक्रवार को तहसील में जमकर हंगामा करते हुए कई दफ्तरों को बंद करा दिया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम और तहसीलदार से वकीलों की तीखी नोकझोंक हुई। अधिकारियों के कड़े तेवर देख वकील आक्रोशित हो गए और प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। मामला तूल पकड़े देख पुलिस फोर्स तहसील पहुंच गया। वकील तहसील का रास्ता बंद करके धरने पर बैठ गए हैं। डीएम के निर्देश पर पहुंचे एडीएम वित्त सर्वेश कुमार तहसील पहुंचे और वकीलों से समझौता वार्ता की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
मालूम हो कि 24 जुलाई को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवपाल सिंह और पूर्ति निरीक्षक महेश कुमार के बीच विवाद हो गया था जिसमें दोनों पक्षों की ओर से रिपोर्ट दर्ज हुई थी। अध्यक्ष पर रिपोर्ट दर्ज होने से नाराज वकीलों ने पूर्ति निरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की मांग कर काम बंद हड़ताल कर दी। शुक्रवार को नाराज वकीलों ने तहसील स्थित दफ्तर बंद करा दिए। सूचना पर एसडीएम मोइन उल इस्लाम और तहसीलदार मौके पर पहुंचे और वकीलों से दफ्तर बंद कराए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वह लोग आंदोलन करें उन्हें कोई एतराज नहीं है लेकिन सरकारी दफ्तरों को बंद कराना गलत है। यदि वह लोग सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करेंगे तो उन्हेें सख्त कदम उठाना पड़ेगा इस पर वकील और भी आक्रोशित हो गए।
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इस दौरान तहसीलदार ने पुलिस और पीएसी बुलाने के निर्देश दिए तो वकील तहसीलदार व एसडीएम मुर्दाबाद प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे और तहसील गेट पर तख्त डालकर धरने पर बैठ गए। इधर, तिलहर और आसपास के थानों से पुलिस फोर्स तहसील पहुंच गई। इससे तहसील परिसर छावनी में तब्दील हो गया। एसडीएम ने बंद दफ्तरों को खुलवा दिया। डीएम के निर्देश पर शाम करीब 3 बजे एडीएम प्रशासन सर्वेश कुमार तहसील पहुंचे। उन्होंने वकीलों को बुलाकर वार्ता की। वकीलों ने वार्ता के दौरान तहसीलदार और एसडीएम के रवैये पर गहरी नाराजगी जताई। एडीएम सर्वेश कुमार ने कहा कि जो कुछ भी हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है यह सब नहीं होना चाहिए था। वकीलों ने तहसीलदार पर तमाम आरोप लगाते हुए उनके साथ कार्य करने से इंकार कर उनके तबादले, पूर्तिनिरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई और अध्यक्ष पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की। दो राऊंड में हुई वार्ता के बाद भी कोई निर्णय नहीं निकला। एडीएम ने कहा वह इस संबंध में जिलाधिकारी को जानकारी देंगे जो निर्देश मिलेगा उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी। वार्ता के दौरान पुलिस उपाधीक्षक मंगल सिंह रावत, कोतवाल अशोक पाल सिंह सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद हैं।
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