कांग्रेस को निशाने पर रखा, सपा बसपा को लपेटा
पीएम ने किसानों का हितैषी होने का दावा करने में कोई कोरकसर नहीं छोड़ी
कांग्रेस गरीबों के नाम की माला तो जपती रही, किया कुछ नहीं
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अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। प्रदेश की पहली किसान कल्याण रैली में आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को रोजा स्थित रेलवे मैदान पर पूरी रौ में दिखे। इस दौरान उन्होंने मुख्य रूप से कांग्रेस को ही निशाने पर रखा। साथ में कभी-कभी सपा और बसपा को लपेटे में लेने में भी कोई संकोच नहीं किया। लगभग 50 मिनट के संबोधन में मोदी ने जनपद के लिए कोई नई घोषणा तो नहीं की, लेकिन उन्होंने खेती-किसानी से संबंधित एक-एक बिंदु पर चर्चा और केंद्र तथा प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर किसानों का हितैषी होने का दावा करने में कोई कोरकसर नहीं छोड़ी। पीएम ने काकोरी कांड के अमर शहीदों पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, ठाकुर रोशन सिंह के साथ कवि राज बहादुर विकल और दामोदर स्वरूप विद्रोही को भी याद कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अपनी बात आरंभ की।
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18 हजार गांवों में पहुंचाई बिजली
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने 18 हजार गांवों में बिजली पहुंचाई, जिससे करीब चार करोड़ घर रोशन हुए। जिन सरकारों ने 70 साल तक गांवों को अंधेरे में रखा, वहां के लोगों को 18वीं शताब्दी में जीने को मजबूर किया, उन परिवारों को रोशनी देने का काम भाजपा सरकार में किया गया। कांग्रेस गरीबों के नाम की माला तो जपती रही, लेकिन गरीबों के लिए किया कुछ नहीं।
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85 पैसे खाने वाला पंजा किसका था
पीएम ने अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस पर चुटकी लेते हुए कहा कि एक प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया था कि केंद्र से किसानों की मदद के लिए एक रुपया दिया जाता है, लेकिन गांव तक 15 पैसे ही पहुंच पाते हैं। मोदी ने कहा कि यह उस समय की बात है, जब गांव-गांव कांग्रेस का ही राज था, तब कौन सा पंजा था, जो 85 पैसे रास्ते में ही खा जाता था। उन्होंने कहा कि हमने इस व्यवस्था को खत्म कर पूरी पारदर्शिता के साथ 90 हजार करोड़ रुपये सही व्यक्ति के सीधे खाते में पहुंचाने का काम किया। यही पीड़ा थी, जिसके कारण अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। हमने मुफ्त की पाई-पाई बंद कर दी, ये विरोधी दलों को हजम नहीं हो रहा था।
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साइकिल हो या हाथी...
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को हमेशा ही निशाने पर रखा। एक मौके पर उन्होंने कहा कि साइकिल हो या हाथी, किसी को बना लो साथी। उन्होंने कहा देश सभी को समझ चुका है। देश और वक्त बदल चुका है, देश के नौजवानों का मिजाज भी सभी देख चुके हैं। विरोधियों के सभी फार्मूले फेल हो गए हैं। अब वह चाहें साइकिल का साथ करें या हाथी का कोई फर्क नहीं पड़ता। उनके सभी खेल धोखा ही है, जनता खूब समझ रही है।
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अभिवादन के दौरान खूब हुई जय-जयकार
मोदी के मंच पर पहुंचते ही खचाखच भरा पंडाल मोदी-योगी की जय-जयकार से गूंज उठा। खासतौर पर युवा वर्ग खड़े होकर हाथा हिलाकर प्रधानमंत्री के अभिवादन का जवाब देते रहे। इसके कुछ पल बाद ही पूरा पंडाल मोदी-मोदी, मोदी-मोदी से गूंज उठा। यह सिलसिला उनके संबोधन भर चलता रहा।
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जब जगह नहीं मिली तो पेड़ पर चढ़ गए
प्रधानमंत्री की सभा के लिए करीब ढाई लाख लोगों के बैठने के लिए वाटरप्रूफ कवर्ड पंडाल बनाया गया था। जब पंडाल पूरी तरह भर गया और लोग वहां तक पहुंच ही नहीं पाए तो वह मैदान के पास वाले पेड़ों पर चढ़ गए और आयोजन का नजारा देखते रहे।
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सेल्फी लेने की भी लगी होड़
मोदी के मंच पर पहुंचते ही भीड़ में तमाम लोग मोबाइल से सेल्फी लेने में जुट गए। यह अलग बात है कि सेल्फी में मोदी या अन्य नेता आए होंगे या नहीं, लेकिन सेल्फी लेने की होड़ बराबर लगी रही। कुछ लोगों ने मंच को अपने मोबाइल में भी कैद किया।
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सुरक्षा के लिए रहे कड़े इंतजाम
प्रधानमंत्री मोदी के आयोजन में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। पंडाल तक पहुंचने के लिए कई गेट बनाए गए थे, जिनमें मेटल डिटेक्टर लगाए गए। वहीं, महिला पुलिसकर्मी पंडाल में बैठीं महिलाओं के पर्स आदि की तलाशी भी लेती रहीं। आयोजन में कई जनपदों की पुलिस, आरएएफ, अद्धैैसैनिक बल के जवान तैनात रहे।
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कभी पसीना पोंछते तो कभी पानी पीते दिखे मोदी
पंडाल में उमस बढ़ जाने से पीएम कभी अपने गले में पड़े गमछे से पसीना पोंछते नजर आए तो कभी पानी पीकर उन्होंने गला तर किया। हालांकि मंच पर गर्मी से निपटने के लिए कई हाईफाई कूलर लगाए गए थे।
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