शाहजहांपुर। पंडित मदन मोहन मालवीय मिशन अध्यापक एवं अध्यापन स्कीम के अंतर्गत जीएफ कॉलेज में चल रही छह दिवसीय एकेडमिक लीडरशिप कार्यशाला का समापन हो गया। अंतिम दिन एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय और आगरा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर मुजम्मिल हुसैन ने प्रतिभागी शिक्षकों को उच्च शिक्षा की चुनौतियों से अवगत कराते हुए उनका मार्गदर्शन किया।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर एकेडमिक लीडरशिप एंड एजूकेशन मैनेजमेंट (क्लेम) के तत्वावधान में चली कार्यशाला के अंतिम सत्र में मुख्य अतिथि पूर्व कुलपति प्रोफेसर मुजम्मिल हुसैन ने कहा कि किसी भी देश के भाग्य का निर्माण उसकी पाठशालाओं में होता है। अध्यापक होना गर्व की बात है, लेकिन समाज के प्रति उसकी बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। अध्यापक ही समाज को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने का काम करता है। नाउम्मीदी के अंधेरे में शिक्षक रोशनी की उम्मीद के समान है। उन्होंने कहा कि आज विकासशील देशों की उच्च शिक्षा गुणवत्ता, परिमाण और समता के त्रिकोण पर टिकी हुई है। जब हम एक कोण पर किसी बिंदु को साधने का प्रयास करते हैं तो अन्य कोण दूर हो जाते हैं, इसलिए विकासशील देशों में उच्चशिक्षा का परिदृश्य बेहद चुनौतीपूर्ण है।
असिस्टेंट कोर्स डायरेक्टर डॉ. फायजा अब्बासी ने कार्यशाला की उपलब्धियों की सराहना करते हुए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इससे पूर्व कार्यशाला के को-आर्डिनेटर एवं प्राचार्य प्रोफेसर अकील अहमद ने अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हें अंगवस्त्र और स्मृति देकर सम्मानित किया। डॉ. सुहेल अख्तर नकवी के संचालन में हुई कार्यशाला में डॉ. युक्ति माथुर, डॉ. साजिद खान, डॉ. स्वप्निल यादव, डॉ. आयशा जेबी, डॉ. अबुल हसनात, डॉ. फैयाज अहमद आदि का योगदान रहा।
समापन अवसर पर एसएस कॉलेज प्राचार्य डॉ. एके मिश्र, आर्य महिला महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. कनकरानी, राजकीय डिग्री कॉलेज जलालाबाद के प्राचार्य प्रोफेसर श्रीकिशन यादव, सत्यपाल डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजीजुर्रहमान खान, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी की शाखा हेड डॉ. वसी बेग, डॉ. अनुराग अग्रवाल, डॉ. देवेंद्र कुमार, रामचंद्र डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. कुलदीप गुप्ता, बरेली कॉलेज के डॉ. आरिफ नदीम समेत मेजबान और जनपद के विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षक मौजूद रहे।