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गंगा तट पर बसा तंबुओं का शहर, कटरी हुई रोशन

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मिर्जापुर (शाहजहांपुर)। ढाई घाट गंगा तट पर कार्तिक पूर्णिमा से पहले तंबुओं का शहर बस गया है। गंगा की कटरी दूधिया रोशन से जगमग होने लगी है। कल्पवास करने के लिए श्रद्धालुओं का गंगा तट पहुंचना जारी है। इस बीच जिला पंचायत की तैयारियां अभी चल रही हैं। कार्तिका पूर्णिमा का मुख्य स्नान शुक्रवार को होना है। हालांकि, गंगा तट पर गहराई वाले इलाकों की पहचान कर इनको डेंजर जोन घोषित कर लाल झंडियों से प्रतिबंधित कर दिया गया है। गोताखोर और फ्लड पीएसी के जवान भी गंगा में गश्त कर रहे हैं। मीना बाजार में रौनक दिखने लगी है। गंगा तट पर दुकानें सज रही हैं।
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ढाई घाट गंगा तट पर कार्तिक महीने की पूर्णिमा को लगने वाले मेला का पौराणिक महत्व है। मान्यता है कि कार्तिक मास की पूर्णिमा को गंगा स्नान करने से अपार पुण्य मिलता है। ढाई घाट गंगा तट पर लगने वाले कार्तिक मेला में शाहजहांपुर के अलावा हरदोई, फर्रुखाबाद, कानपुर, बरेली, बदायूं आदि जिलों से भी श्रद्धालु गंगा स्नान को पहुंचते हैं। हजारों परिवार कई दिन तक गंगा तट पर रहकर कल्पवास करते हैं। कल्पवास करने के लिए दूर दराज से साधु-संतों के जत्थे पहले ही गंगा तट पहुंच गए हैं। एसओ मिर्जापुर बीके मिश्रा ने बताया कि बाराबफात जुलूस की वजह से पूरा फोर्स अभी नहीं पहुंचा है। रात में फोर्स की आदम होगी। जिला पंचायत के कार्याधिकारी राजेश कुमार वर्मा का कहना है कि तैयारियां काफी हद तक पूरी हो गई हैं। मेलार्थियों को किसी तरह की समस्या न हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। शौचालय, हैंडपंप आदि का काम पूरा हो गया है। अस्थाई सड़कें भी बन गई हैं। मेला बाबू तुलसीराम ने बताया कि गंगा तट पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की गई है।
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