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पॉलीथिन के खिलाफ कैंपिंग चलाने को मिले 89.34 लाख

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पॉलिथीन के खिलाफ अभियान चलाने को मिले 89.34 लाख
स्वच्छ भारत मिशन के तहत निकायों को बजट आवंटित
पॉलिथीन इस्तेमाल पर होगा सजा, जुर्माना का प्रावधान
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। प्रदेश में पॉलिथीन पर पाबंदी को लेकर गंभीर सरकार ने कमर कस ली है। पॉलिथीन इस्तेमाल न करने के लिए प्रेरित करने को व्यापक स्तर पर बृहद अभियान शुरू किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन की ओर से अच्छा खासा बजट भी खर्च किया जाएगा। जिले के नगरीय निकायों में पॉलिथीन के खिलाफ मुहिम पर 89.34 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। नगर निगम ने वॉल पेंटिंग के जरिए अभियान शुरू किया है। जगह-जगह होर्डिंग्स भी लगाए जाएंगे। सबसे ज्यादा 39.07 लाख रुपये का आवंटन नगर निगम शाहजहांपुर को किया गया है।
पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट की बैठक में पॉलिथीन पर सख्ती से पाबंदी को लेकर रुख साफ कर दिया था। पॉलिथीन का इस्तेमाल रोकने को नया कानून आने से पहले ही नगर विकास विभाग इसका खाका तैयार करने में जुट गया है। पॉलिथीन पर पूरी तरह से पाबंदी के लिए निकायों में बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत बैनर-होर्डिंग्स लगाना, स्कूलों में प्रतियोगिताएं, वॉल पेंटिंग और प्रचार-प्रसार के जरिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। पॉलिथीन पर पाबंदी के लिए राज्य निदेशक स्वच्छ भारत मिशन ने इस पर खर्च के लिए निकायों को बजट का आवंटन कर दिया है। पॉलिथीन पर पाबंदी की जागरूकता को शुरुआत 15 जुलाई से की जाएगी, जो अभियान के रूप में दो अक्तूबर तक चलेगा। इसके बाद पॉलिथीन की बिक्री करने वालों के खिलाफ छापामारी की जाएगी। इसके लिए प्रशासन ने भी कमर कस ली है। नगर आयुक्त एसके सिंह ने बताया कि नगर निगम ने शहर और रोजा में मुहिम शुरू कर दी है। इसके तहत दीवारों पर स्वच्छता का संदेश देने वाली वॉल पेंटिंग बनवाई जा रही हैं। पहले चरण में विभिन्न स्थानों पर लगाने के लिए 150 होर्डिंग्स भी तैयार कर लिए गए हैं।
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सजा और जुर्माना में भी होगा इजाफा
सरकार पॉलिथीन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना चाहती है। इसके लिए अध्यादेश लाया जा सकता है। सूत्रों की मानें तो नए कानून में कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब तक कार्रवाई का अधिकार सिर्फ निकायों को था। अब जिला प्रशासन भी पॉलिथीन के इस्तेमाल पर कार्रवाई कर सकेगा। पॉलिथीन के इस्तेमाल पर अब तक छह माह तक सजा और 10 हजार तक जुर्माना की व्यवस्था थी। नई व्यवस्था के तहत जुर्माना एक लाख रुपये तक होगा और सजा भी बढ़ाकर एक साल तक कर दी गई है।

मुहिम को मिली धनराशि लाख में
नगर निगम शाहजहांपुर-33.90
नगर पालिका तिलहर- 9.91
नगर पालिका जलालाबाद- 9.57
नगर पालिका पुवायां- 9.43
नगर पंचायत कांट- 5.40
नगर पंचायत अल्हागंज- 5.22
नगर पंचायत कटरा- 5.26
नगर पंचायत खुदागंज- 5.22
नगर पंचायत खुटार- 5.26
रोजा सेटलमेंट एरिया- 5.17

स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए घातक है पॉलिथीन
पॉलिथीन मानव स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण के लिए भी बेहद घातक है। जानकारों की मानें तो पॉलिथीन के प्रयोग से सांस और त्वचा संबंधी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे कैंसर का खतरा भी बढ़ रहा है। नष्ट न होने की वजह से पॉलिथीन भूमि की उर्वरा शक्ति को खत्म कर रही है। भूजल रिचार्ज न होने की एक बड़ी वजह पॉलीथिन है। पॉलिथीन को जलाने पर निकलने वाला धुआं ओजोन परत को नुकसान पहुंचाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक पॉलिथीन का कचरा जलाने से कार्बन डाईआक्साइड, कार्बन मोनोआक्साइड जैसी विषैली गैस उत्सर्जित होती हैं। इनसे सांस, त्वचा आदि की बीमारी होने की आशंका बढ़ जाती है। पॉलीथिन सीवर जाम का सबसे बड़ा कारण है। इससे नालों में पानी का बहाव बाधित होता है।
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वर्जन-
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पॉलिथीन का कोई इस्तेमाल न करे इसके लिए जन जागरूकता कार्यक्रम शुरू कर दिए गए हैं। प्रशासन और नगर निगम की ओर से अभियान के तहत दुकानदारों और ठेला-खोमचा वालों को कागज के लिफाफों का वितरण किया जाएगा। जगह-जगह वॉल पेंटिंग बनवाई जा रही हैं। पाबंदी के बावजूद अगर कोई पॉलीथिन का इस्तेमाल करता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-अमृत त्रिपाठी, डीएम
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