शाहजहांपुर। सिंधौली थाना क्षेत्र के गांव चांदा निवासी वकील अजमल हसन रजा खां ने अपनी मानहानि करने में थाना खुुटार के उपनिरीक्षक राजाराम सिंह और तत्कालीन थानाध्यक्ष के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में इस्तगासा दायर किया है। इस पर कोर्ट ने उपनिरीक्षक को प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए समन भेजकर 22 सितंबर को अदालत में तलब किया है।
अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया था कि उसने खुटार थाना क्षेत्र के गांव कैहमारिया निवासी मोहम्मद असलम खां के वकील के तौर पर सिविल जज जूनियर डिवीजन पुवायां न्यायालय में 156(3) के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। इसमें खुटार थाने से रिपोर्ट मांगी गई थी। थाने से रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय की ओर से सक्षम न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद प्रार्थना पत्र पर सिविल जज जूनियर डिवीजन शाहजहांपुर को पत्रावली भेजी गई। न्यायालय ने दोबारा थाने से रिपोर्ट मांगी। इस पर उपनिरीक्षक राजाराम सिंह ने अधिवक्ता पर मनगढ़ंत आरोप लिखकर प्रार्थना पत्र देने का आरोप लगाया। जबकि वकील ने 31 जुलाई 2012 को इस आशय का शपथ पत्र दिया कि जैसी घटना पीड़ित ने बताई उन्होंने वैसी ही घटना प्रार्थना पत्र में अंकित की थी। संबंधित थाने की दोनों रिपोर्ट विरोधाभासी पाई गईं। अधिवक्ता ने उपनिरीक्षक की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में खुद की मानहानि बताते हुए कोर्ट में इस्तगासा दायर किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पेश किए गए अभिलेखों व साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद उपनिरीक्षक को प्रथम दृष्टतया दोषी पाते हुए उन्हें समन भेजकर 22 सितंबर को अदालत में तलब किया।