शाहजहांपुर। मैनपुरी के बेवर से पीलीभीत तक नेशनल हाईवे के चाैड़ीकरण में खुदागंज क्षेत्र के 50 भवन रुकावट बने हुए हैं। बारिश के कारण गर्रा नदी के भुंडी घाट पर पुल का निर्माण भी अटक गया है। इस कारण जुलाई 2024 में पूरा होने वाला काम अब भी अधूरा है।
हाईवे का निर्माण कार्य सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) की ओर से कराया जा रहा है। मीरानपुर कटरा से खुदागंज के बीच हाईवे के चौड़ीकरण के कार्य के लिए सरकार की ओर से 2018 में मंजूरी मिली थी। पहले वन विभाग की तरफ से पेड़ हटाने में काफी समय लग गया। इसके बाद 2020 में जमीन का अधिग्रहण शुरू हुआ, जो काफी धीमी गति से चला। वर्ष 2022 में निर्माण कार्य शुरू हो पाया। अभी तक अधिग्रहण का कार्य 85 प्रतिशत ही हो पाया है।
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दो बार नोटिस दे चुका है प्रशासन
खुदागंज में राष्ट्रीय राजमार्ग 730 के चौड़ीकरण में बाधक बने करीब 200 से ज्यादा भवनों को रास्ते से हटाया जाना था। प्रशासन के नोटिस देने के बाद अधिकतर भवनों को तोड़ दिया। कुछ भवन प्रशासन ने हटवा दिए थे। इसके बाद भी करीब 50 भवन आड़े आ रहे हैं। इनमें से कुछ मामले विवादित हैं। इनका निस्तारण नहीं हो पा रहा है। प्रशासन की ओर से संबंधित लोगों को दो बार नोटिस दिए जा चुके हैं और दो बार मुनादी भी कराई जा चुकी है।
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बार-बार बंद हो रहा पुल का काम
गर्रा नदी के भुंडी घाट पर पुल बनने से शाहजहांपुर और पीलीभीत जनपद की सीमाएं जुड़ जाएंगी, लेकिन बाढ़ और बारिश की वजह से निर्माण कार्य बार-बार बंद करना पड़ रहा है। 468 मीटर लंबे और 16 मीटर चौड़े पुल का वर्तमान में 70 प्रतिशत निर्माण कार्य ही हो पाया है।
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कटरा से लेकर खुदागंज तक हाईवे के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का काम लगभग पूरा हो चुका है। कुछ विवादित मामले को सुलझाने के प्रयास चल रहे हैं। चौड़ीकरण में बाधक बन रहे निर्माण को जल्द हटवाया जाएगा।
- प्रवेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट
बेवर-पीलीभीत के निर्माणाधीन हाईवे का निर्माण जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। कुछ स्थानों पर हाईवे की जमीन पर निर्माण है। उनको प्रशासन की मदद से जल्द ही हटाया जाएगा।
अमन त्रिगुन, परियोजना निदेशक मोर्थ