गांव बद्रीपुर हदीरा में एक माह में गला घोटू से 50 से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है। पशुपालकों का आरोप है कि सूचना के बाद भी पशु अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
गांव में ऋषिकांत पांडे, गोकुल वर्मा, राजाराम पाल, बबलू माली, रविंद्र पांडे, सियाराम कश्यप, श्याम कटियार सहित कई लोगों के कीमती पशु मौत के मुंह में समा चुके हैं। गांव के उमाकांत पांडे का आरोप है कि गांव में टीकाकरण नहीं कराया गया और कागजों में खानापूरी कर ली गई। पशुओं की मौत होने पर भी सूचना दी गई, लेकिन पशु अस्पताल से कोई भी कर्मचारी गांव नहीं पहुंचा। इससे किसानों में रोष है। गांव के लोगों का कहना है कि जल्द ही टीकाकरण और इलाज की व्यवस्था नहीं की गई तो वह लोग भाकियू के बैनर तले आंदोलन को बाध्य हाेंगे।
पुवायां पशु अस्पताल के प्रभारी डॉ. एसके अग्रवाल ने बताया कि 10 अक्तूबर 14 से 20 नवंबर तक टीकाकरण अभियान चला था। इस दौरान सभी गांवों में पशुओं की टीकाकरण किया गया। गांव बद्रीपुर हदीरा में पशुओं की मौत की जानकारी मिली है। बुधवार को वह खुद टीम लेकर गांव जाएंगे और पशुओं की टीकाकरण कराएंगे।