नगर में सीवर प्रोजेक्ट की दिशा में काम की तेजी आ गई है। इस संबंध में शनिवार को नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के साथ जल निगम, नगर विकास विभाग के विशेष सचिव, सूडा के निदेशक, अरबन एरिया के चीफ इंजीनियर, मुरादाबाद क्षेत्र के मुख्य अभियंता आदि ने विभिन्न मोहल्लों का भ्रमण कर योजना शुरू करने के लिए जानकारी जुटाई। प्रस्तावित सीवरेज योजना का प्रथम चरण शहर के पूर्वी क्षेत्र से शुरू होगा। इसमें 46 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जाएगी, जिसकी लागत 700 करोड़ रुपये होगी।
जल निगम के प्रबंध निदेशक (एमडी) अनूप कुमार सक्सेना ने अमर उजाला को बताया कि सरकार की अति महत्वाकांक्षी अमृत योजनांतर्गत प्रथम चरण में 700 करोड़ की लागत से शहर के पूर्वी क्षेत्र में कुल 46 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जाएगी, जिसमें 1100 मीटर क्षेत्र में छह से नौ मीटर गहराई तक लाइन बिछेगी, शेष की गहराई आवश्यकतानुसार कम रहेगी। प्रथम चरण के लिए गोविंदगंज, बहादुरगंज, अंटा, बिजलीपुरा, गांधीनगर, हुसैनपुरा, रोशनगंज, गांधीगंज, कृष्णा नगर, लोहिया कॉलोनी का इस्टीमेट तैयार कर लिया गया है, जो 30 जून को शासन के समक्ष प्रस्तुत कर दिया जाएगा।
एमडी ने बताया कि दूसरे चरण का प्रस्ताव 15 से 20 जुलाई तक तैयार कर लिया जाएगा। इसमें नगर के मोहल्ला मघईटोला में 50 एमएलडी का सीवरेज प्लांट तैयार कराया जाएगा। इसके अलावा शहर के पश्चिमी क्षेत्र में सीवर लाइन भी डालना प्रस्तावित है। इस अवसर पर नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और जल निगम के एमडी के साथ नगर विकास विभाग के विशेष सचिव एवं निदेशक सूडा शैलेंद्र कुमार सिंह, अरबन एरिया के चीफ इंजीनियर योगेंद्र कुमार जैन, मुरादाबाद क्षेत्र के मुख्य अभियंता आरके शर्मा, हनुमतधाम समिति के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल, सुचित सेठ समेत क्षेत्र के वार्ड सदस्य और भाजपाई शामिल रहे।
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अमेरिकन तकनीक से शुद्ध करेंगे नालों का पानी
जल निगम के एमडी अनूप कुमार सक्सेना ने बताया कि एजी डॉटर्स कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने अमेरिकन तकनीक पर आधारित प्रोडक्ट प्रस्तावित किया है। इसके अंतर्गत खन्नौत नदी में गिरने वाले सात नालों के पानी को सुरक्षित करते हुए मघईटोला में बनने वाले सीवरेज प्लांट तक ले जाया जाएगा। वहां यह कंपनी अपने खर्चे पर गंदे पानी को शुद्ध करेगी और बिजली के अलावा पानी से निकलने वाली गंदगी को अन्य उपयोग में भी लेगी। इसके लिए कंपनी शासन से किसी प्रकार का अनुदान भी नहीं लेगी, केवल उसे जमीन उपलब्ध करानी है। शासन को इस काम के लिए पॉवर पर्चेज एग्रीमेंट (पीपीए) करना होगा। इस संबंध में कंपनी 2-3 दिनों में अपना प्रस्ताव दे देगी। एमडी सक्सेना ने बताया कि कंपनी को पहले 15 साल के लिए प्रोजेक्ट दिया जाएगा, जिससे नदियों का पानी प्रदूषित न हो और उसमें गंदा पानी न पहुंचे।
उन्होंने बताया कि यही कंपनी ठोस अवशिष्ट प्रबंधन का भी काम देखेगी। इसमें भी अमेरिकन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। यह प्लांट ककराकलां में ही लगेगा। ठोस अवशिष्ट का कार्य जमीन के अंदर होगा, इसका गर्मी समेत कोई भी दुष्प्रभाव क्षेत्र पर नहीं पड़ेगा। सब कुछ गड्ढे के अंदर ही नष्ट किया जाएगा। इसके लिए ककराकलां का निरीक्षण भी किया गया।
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सूडा बनाएगा दो रैन बसेरे
सीवर लाइन प्रोजेक्ट के निरीक्षण के लिए आए अधिकारियों ने शहर में प्रथम चरण में तीन आश्रय भवन (रैन बसेरा) भी बनवाने का निर्णय लिया है। नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के निर्देश पर सूडा की ओर से हनुमतधाम पर दो मंजिला रैन बसेरा और बिसरात घाट पर एक रैन बसेरा बनवाया जाएगा।