शाहजहांपुर। आधार कार्ड नहीं बनने से करीब 45 हजार छात्र-छात्राओं की यूनिफार्म की धनराशि फंस गई है। हालांकि, बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें तो समस्या का समाधान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि डीबीटी के जरिये अभिभावकों के खातों में धनराशि भेजी जा सके।
जिले में परिषदीय विद्यालयों की संख्या 2720 है, जिनमें 3,10,888 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से 2,65,880 बच्चों के अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 12-12 साै रुपये की धनराशि भेजी जा चुकी है। इस राशि से परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए उनके अभिभावक जूते, मोजे, पैंट, शर्ट, स्वेटर व बैग खरीदते हैं, लेकिन शेष बचे 45,008 बच्चों के अभिभावक धनराशि नहीं आने से इसकी खरीद नहीं कर पाए हैं।
बीएसए दिव्या गुप्ता ने बताया कि डीबीटी के माध्यम से आने वाली इस धनराशि को प्राप्त करने के लिए परिषदीय विद्यालयों में पिछले दिनों आधार कार्ड अनिवार्य किया गया था। आधार से लिंक खाते में ही धनराशि भेजी जाती है। बच्चों और उनके अभिभावकों के आधार बनवाने में प्रधानाचार्य व शिक्षकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। अब भी काफी बच्चों के अभिभावकों के आधार कार्ड नहीं बन सके हैं। ऐसे में उनके आधार कार्ड बनवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पोर्टल पर अंकित होंगे जन्मप्रमाण पत्र व आधार कार्ड
- शासन से निर्देश हैं, सभी विद्यार्थियों का जन्म प्रमाण पत्र व आधार कार्ड संख्या संबंधित पोर्टल पर शिक्षक अंकित करेंगे। शिक्षकों का कहना है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए एक साल के बाद शपथपत्र लगता है। इसके लिए शुल्क भी देना होता है। उसके लिए कोई अलग से बजट नहीं मिलता। नगर निगम व अन्य कार्यालय के चक्कर लगाने की समस्या अलग है।