शाहजहांपुर। निकाय चुनाव के लिए रविवार को होने वाले मतदान के दिन गड़बड़ी की आशंका के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा का खाका तैयार करने के साथ ही शनिवार को फिर से रूट मार्च किया। आरपीएफ फोर्स के साथ निकाले गए रूट मार्च में ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की गई। इस दौरान शहर में जिस तरफ से रूट मार्च निकल रहा था, वहां सिर्फ सायरन बजाती गाड़ियों और फोर्स के बूटों की आवाज सुनाई दे रही थी। वहीं एसपी केबी सिंह ने कहा है कि गड़बड़ी करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सभी मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के साथ ड्रोन कैमरों से निगरानी रहेगी।
शहर में संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों के आस-पास मकानों की छतों पर ईंट-पत्थर हटाने के लिए एक सप्ताह पहले ही नोटिस दिया गया था और जिन-जिन मकानों की छतों पर ईंट-पत्थर लगे थे, उन्हें हटवा दिया गया था, लेकिन मतदान से एक दिन पहले पुलिस ने एक बार फिर से इन मकानों की छतों पर ड्रोन कैमरों के जरिये निगरानी की। चौक कोतवाली और सदर थाना क्षेत्र व आरसी मिशन, रोजा में रूटमार्च निकाला गया। सुबह नौ बजे दोपहर तक विभिन्न संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों में रूट मार्च के बाद ओसीएफ ग्राउंड से सुरक्षा बलों को मतदान केंद्रों की ओर रवाना किया गया। बता दें कि पहले चरण के हुए चुनाव में बदायूं में हुई हिंसा के मद्देनजर एसपी केबी सिंह ने जिले में सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता इंतजाम किया है। पांच कंपनी आरपीएफ के साथ ही भारी संख्या में पुलिस बल, होमगार्ड पीएसी भी बुलाई हैं।
ड्रोन कैमरों से रहेगी निगरानी
संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर एक दरोगा, छह सिपाही, आठ होमगार्ड के साथ ही आरपीएफ के जवान भी तैनात रहेंगे। जो आसपास छतों पर भी चढ़कर मतदान केंद्रों पर निगरानी रखेंगे। इसके अलावा 12 थाना क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों से निगरानी होगी।
बरेली और बदायूं से बुलाया गया फोर्स
शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए आरपीएफ के अलावा बरेली और बदायूं से पुलिस फोर्स मंगाया। इसमें पांच सीओ, 250 सब इंस्पेक्टर, नौ इंस्पेक्टर, 198 हेड कांस्टेबल, 980 पुरुष सिपाही, 240 महिला कांस्टेबल को बुलाया गया।