शाहजहांपुर। संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत वायरल बुखार के प्रकोप को रोकने के लिए जिले में 314 शिविराें का आयोजन किया गया, जिनमें 41 हजार लोगों की खून की जांच में 96 लोग मलेरिया से पॉजिटिव मिले। जनवरी से अभी तक 385 मलेरिया के रोगी मिल चुके हैं।
जुलाई में आई बाढ़ का पानी उतरने के बाद वायरल बुखार ने पैर पसारने शुरू कर दिए थे। कई गांव बुखार की चपेट में आए। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने शिविरों का आयोजन कर जांच की। पीएचसी-सीएचसी के अतिरिक्त छात्रावास, जिला कारागार समेत ग्राम पंचायत के मजरों में शिविर लगाकर मरीजों का परीक्षण किया गया।
जिला मलेरिया अधिकारी राजीव मौर्या के अनुसार, संबंधित गांवों में एंटी लार्वा का छिड़काव भी कराया गया। लोगों को साफ-सफाई रखने के लिए प्रेरित किया। बृहस्पतिवार को टीम ने जीआईसी, छात्रावास और लाइब्रेरी में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया। कॉलेज के प्रधानाचार्य ने मच्छरों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग से पत्राचार किया था।
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डेंगू के मात्र छह रोगी दर्ज
-गत वर्ष डेंगू ने विकराल रूप धारण किया था। इस बार डेंगू नहीं फैला है। जिला मलेरिया विभाग के आंकड़ों में मात्र डेंगू के छह रोगी मिले हैं। इसमें भावलखेड़ा, कांट, निगोही, मिर्जापुर, सिंधौली, ददरौल का एक-एक रोगी शामिल है। पोर्टल पर सातवें रोगी को दर्ज करने पर टीम ने गांव में जांच की। ग्रामीणों ने बताया कि संबंधित व्यक्ति इंदौर में पॉजिटिव हुआ और उसका उपचार लखनऊ में चल रहा है। उसका आधार कार्ड बंडा का है। इस वजह से जिले के आंकड़ों में दर्ज कर दिया था। मलेरिया अधिकारी ने रोगी का नाम हटाने के लिए पत्राचार किया है।डेंगू से बचाव के लिए जिला मलेरिया विभाग की ओर से लगाई गई 21 सदस्यीय टीम ने घर-घर जाकर जांच की है। हालांकि, टीम ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। उसका परीक्षण किया जा रहा।
गांवों में वायरल बुखार की सूचना आशा के माध्यम से ली जाती है। बुखार फैलने पर टीम तुरंत जाकर मरीजों की जांच कर दवा देती है, साथ ही एंटी लार्वा का छिड़काव भी कराया जाता है।
-डॉ. आरके गौतम, सीएमओ