शाहजहांपुर। शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए 41.07 करोड़ रुपये खर्च कर स्थापित किया गया इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) अब खुद ही बदहाल यातायात व्यवस्था का उदाहरण बन गया है। सिस्टम के रखरखाव पर हर माह दस लाख रुपये से अधिक खर्च होने के बावजूद शहर के अधिकतर चौराहों और तिराहों पर ट्रैफिक सिग्नल बंद हैं। नतीजा यह है कि जिन चौराहों पर सिग्नल के जरिये यातायात नियंत्रित होना चाहिए, वहां पुलिसकर्मियों को खड़े होकर व्यवस्था संभालनी पड़ रही है। ऐसे में अब नगर निगम ने एजेंसी को नोटिस जारी किया है।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत वर्ष 2022 में खिरनीबाग, सुभाष चौक (हथौड़ा चौराहा), राजघाट पुलिस चौकी, लाल इमली, महिला थाना, अंटा, केरूगंज, पुत्तूलाल चौराहा, कवि तिराहा, हरदोई मोड़, बरेली मोड़, मेजबान के पास और घंटाघर पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए थे। वर्तमान में सुभाष चौराहा को छोड़कर अन्य स्थानों पर आईटीएमएस की व्यवस्था सुचारु नहीं है। 13 में से 12 जगह बत्ती गुल है।
चौराहों पर सिग्नल बंद होने से वाहन चालक अपनी सुविधा के अनुसार निकलते हैं। इससे अक्सर वाहनों की कतार लग जाती है। यातायात पुलिसकर्मी हाथ के इशारे से वाहनों को नियंत्रित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन व्यस्त समय में यह व्यवस्था नाकाफी साबित होती है।
खिरनीबाग चौराहे पर आए दिन आईटीएमएस बंद रहने की शिकायत सामने आती है। कवि तिराहा और लाल इमली चौराहे पर सड़क निर्माण के कारण सिग्नल बंद किए गए हैं। घंटाघर पर आईटीएमएस व्यवस्था शुरू ही नहीं हो सकी है। अंटा चौराहे पर भी यातायात पुलिसकर्मी ही व्यवस्था संभालते हैं। मेजबान होटल और बरेली मोड़ के पास सड़क निर्माण के कारण आईटीएमएस को शिफ्ट किया जा रहा है।
निर्माण कार्य बना व्यवस्था बंद होने का आधार
नगर निगम और आईटीएमएस का रखरखाव करने वाली एजेंसी का कहना है कि कई प्रमुख चौराहों पर निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में सिग्नल और कैमरों को बंद अथवा शिफ्ट करना पड़ रहा है। हालांकि सवाल यह है कि करोड़ों रुपये की योजना और लाखों रुपये के रखरखाव खर्च के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई।
कंट्रोल रूम भी नहीं दिला पा रहा राहत
आईटीएमएस के संचालन के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया था, जहां से शहर के प्रमुख चौराहों की यातायात व्यवस्था और कैमरों की निगरानी की जानी थी। योजना का उद्देश्य सिग्नल के साथ कैमरों के माध्यम से यातायात को व्यवस्थित करना था, लेकिन जमीनी स्थिति में कई स्थानों पर सिग्नल ही बंद होने से पूरी व्यवस्था की उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं। आईटीएमएस का रखरखाव करने वाली एजेंसी के मैनेजर रितेश सिंह ने बताया कि जिन चौराहों पर नगर निगम की ओर से निर्माण कार्य कराया जा रहा है, वहां काम की वजह से आईटीएमएस लाइटें बंद की गई हैं। जल्द ही व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया जाएगा।
आईटीएमएस के पांच साल के रखरखाव के लिए करीब साढ़े छह करोड़ रुपये का टेंडर संबंधित एजेंसी को दिया गया है। इसमें लाइटों और कैमरों के रखरखाव की जिम्मेदारी एजेंसी की है।
- आशीष त्रिवेदी, मुख्य अभियंता, नगर निगम
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तिराहों और चौराहों पर आईटीएमएस के काम करने की जांच कराई गई है। संबंधित एजेंसी को नोटिस जारी किया गया है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- अजय त्रिपाठी, अपर नगर आयुक्त
खिरनीबाग चौराहे पर बंद पड़ा आईटीएमएस। संवाद
खिरनीबाग चौराहे पर बंद पड़ा आईटीएमएस। संवाद