रविवार की रात लकड़ी माफिया ने गांव कुइयां में बिना परमिट के आम, शीशम, नीम आदि के तीन दर्जन हरे पेड़ काट डाले। रात में ही लकड़ी ले जाने की जल्दी करने के दौरान ट्रैक्टर चालक ने गांव में बिजली के तीन पोल तोड़ डाले। एक पोल मकान पर गिरने और बिजली सप्लाई चालू होने के कारण बड़ा हादसा होते-होते बच गया। बिना परमिट पेड़ काटे जाने और बिजली के पोल तोड़ने से नाराज गांव के तमाम लोगों ने मामले की तहरीर पुलिस को देकर कार्रवाई की मांग की है।
गांव कुइयां के तमाम लोगों ने बताया कि गांव के पास ही एक बाग था। पूरनपुर और बंडा के ठेकेदारों ने मिलकर रविवार की शाम से ही बाग में कटान शुरू करा दिया। रात में लकड़ी ले जाते समय एक ट्रैक्टर चालक ने बिजली के तीन पोल तोड़ दिए। बिजली सप्लाई चालू होने के कारण तारों से आग की चिंगारियां निकलीं, लेकिन आग लगने से बच गई। जब तक गांव के लोग मकानों से बार निकले तब तक ट्रैक्टर चालक वाहन सहित भाग निकले। बिजली का एक पोल तो रामवती के छप्पर के ऊपर गिर पड़ा, उसके परिवार के सभी सदस्य छप्पर के नीचे सो रहे थे। इससे वह बाल-बाल बच गए। लोगों ने बताया कि बाग में आम के 30, शीशम के चार, नीम और शीशम का एक-एक पेड़ काटा गया है। घटना से गांव के लोगों में आक्रोश पनप गया और सुबह उन्होंने थाने पहुंचकर मामले की तहरीर पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की जांच करने की बात कहते हुए लोगों को समझाकर घर भेज दिया।
उधर, बिजली उपकेंद्र के जेई रामाशंकर ने बताया कि पोल टूटने की सूचना मिली है। जल्द ही मौका मुआयना करके पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
मामले की सूचना मिली है। पहली बात तो इतने पेड़ों का परमिट जारी ही नहीं हो सकता और यहां का कोई परमिट जारी होने की जानकारी भी नहीं है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- एसएन यादव, (रेंजर) खुटार रेंज
गांव के लोगों की ओर से तहरीर दी गई है। उस पर जांच कराई जाएगी। अगर बिजली के पोल तोड़े गए हैं तो मामले की रिपोर्ट दर्ज करके कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- जसवीर सिंह, एसओ खुटार