विद्युत वितरण मंडी के अधीन शाहजहांपुर और पीलीभीत जिले के विद्युत उपभोक्ताओं पर 347 करोड़ रुपया बकाया है। प्रदेश सरकार की अधिभार माफी योजना के तहत यह रकम जमा करने पर बाकीदार उपभोक्ताओं को 72.50 करोड़ रुपये सरचार्ज का भुगतान नहीं करना पड़ेेगा। पॉवर कारपोरेशन के अधीक्षण अभियंता आरके अग्रवाल ने शनिवार को पत्रकारों के समक्ष योजना के तमाम लाभ गिनाते हुए कहा कि प्रदेश में अपनी तरह की यह स्कीम अंतिम बार लागू की जा रही है।
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि अभी तक एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग और सीमित समय के लिए लागू होती थी, लेकिन इस बार दोनों क्षेत्रों में सभी श्रेणियों के लिए अधिभार माफी योजना लांच हुई है। 15 अप्रैल से प्रभावी हुई इस योजना का लाभ शहरी क्षेत्र के घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को 45 दिन तक, ग्रामीण क्षेत्र में 60 दिन तक और लघु-मध्यम उद्योगों को 30 दिन तक मिलेगा।
उन्होंने बताया कि केवल शाहजहांपुर जिले के उपभोक्ताओें पर 201 करोड़ रुपये विद्युत राजस्व बकाया है। योजना के तहत यह धनराशि जमा किए जाने पर यहां के उपभोक्ताओें को बकाया मद में शामिल 42 करोड़ रुपये सरचार्ज नहीं देना पड़ेगा। साथ ही दस हजार रुपये और इससे अधिक बकाया बिलों का किश्तों में भुगतान की सुविधा दी जाएगी। इसके तहत पहली किश्त के तौर पर कुल बकाया की 25 प्रतिशत धनराशि जमा करनी होेगी और बाद में तीन अन्य किश्तें नियत समय सीमा में देनी होंगी। एसई श्री अग्रवाल के अनुसार योजना के तहत अभी तक जिले में 600 रजिस्ट्रेशन किए जा चुके हैं।
नगरीय बिजली उपकेंद्रों पर आज लगेंगे कैंप
रविवार को राजपत्रित अवकाश के बावजूद अधिभार माफी योजना के तहत रजिस्ट्रेशन और बकाया बिल जमा करने की सुविधा देने के लिए शहर के 33 केवी क्षमता वाले सभी सातों सब स्टेशनों समेत जिले के अन्य नगरीय उपकेंद्रोें में सुबह दस से शाम पांच बजे तक विशेष कैंप लगाए जाएंगे। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि पुवायां, जलालाबाद, तिलहर, कलान तहसीलों समेत मिर्जापुर, निगोही, कटरा, अल्हागंज आदि में भी कैंप लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
सस्ते बिजली कनेक्शन लें वर्ना होगी एफआईआर
जिन लोेगों ने अभी तक बिजली कनेक्शन नहीं लिए हैं और कटिया समेत अन्य गलत साधनों से बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं, अधिभार माफी योजना समाप्त होने के तुरंत बाद अभियान चलाकर उनके खिलाफ विद्युत अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर कराई जाएगी। अधीक्षण अभियंता के अनुसार गरीब परिवारों के घरों तक बिजली पहुंचाने की इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र में एक किलोवाट के कनेक्शन पर महज 130 रुपये और दो किलोेवाट पर 250 रुपये देने होंगे और शेष संयोजन शुल्क 100 रुपये की क्रमश: 12 और 13 किश्तों में देना होगा। इसी तरह शहरी क्षेत्र में कनेक्शन लेते वक्त एक किलोवाट पर 205 रुपये और दो किलोवाट पर 625 रुपये देने होंगे। शेष धनराशि 100 रुपये की 16 मासिक किश्तों में चुकाने की सुविधा दी जाएगी।