शाहजहांपुर। पॉवर कारपोरेशन प्रबंधन के पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त करने के विरोध में बुधवार को हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंपलाइज यूनियन से जुड़े बिजली कर्मियों ने जेल रोड के सर्किल ऑफिस में धरना दिया। बाद में उनका शिष्टमंडल अधीक्षण अभियंता से मिला और उन्हें मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक के नाम ज्ञापन देकर पेंशन व्यवस्था को फिर से बहाल किए जाने की मांग दोहराई।
यूनियन की प्रांतीय इकाई लंबे समय से सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के साथ वर्ष 2000 के बाद नियुक्त हुए कर्मचारियोें को पूर्ववत पेंशन सुविधा दिए जाने की मांग कर रही है। इन्हीं मांगों को लेकर यूनियन की निगमीय कमेटी ने धरना प्रदर्शन की घोषणा की थी। चूंकि, शासन ने बिजली कर्मियों को सातवां पे कमीशन अनुमन्य कर दिया। इसलिए धरना सभा में पेंशन बहाली की मांग छाई रही।
इस मौके पर हुई सभा में निगमीय कमेटी के संरक्षक बाबू राम विलास ने कहा कि नई नियुक्तियों पर पेंशन की रोक और पॉवर सब स्टेशनों का निजीकरण विभाग के लिए भविष्य में घातक निर्णय साबित होंगे। यूनियन के अध्यक्ष केके शर्मा ने कहा कि इन फैसलों के खिलाफ विभागीय यूनियनों ने संयुक्त संघर्ष समिति गठित कर सरकार को अपनी एकजुटता दिखाई है। धरना में छैल बिहारी श्रीवास्तव, फकीरे लाल, आरसी खुराना, अनिल तनेजा, साबिर अली, रामअवतार आदि शामिल रहे।