शाहजहांपुर। पहाड़ और मैदानी क्षेत्रों में दो दिन हुई बरसात का असर जिले से होकर बहने वाली नदियों पर दिखने लगा है। जलालाबाद तहसील में गंगा और रामगंगा उफनाने लगी हैं। इधर, शहर के समीप बहने वाली गर्रा में पिछले 24 घंटे के दौरान पानी कुछ कम हुआ है, लेकिन खन्नौत नदी अपने पेटे से बाहर निकलकर तटवर्ती क्षेत्रों में फैलाव लेने लगी है।
सोमवार और मंगलवार को जनपद समेत आसपास के जिलों में व्यापक वर्षा होने से तापमान में भारी गिरावट आ गई थी, लेकिन बुधवार को सुबह आसमान साफ होने लगा। सुबह आठ बजे तक बादल चीरकर धूप निकली तो गर्मी के साथ उमस ने परेशान करना शुरू कर दिया। दोपहर में स्कूलों से बच्चे सिर पर छाते लगाकर घरों को पहुंचे, फिर भी पसीने से तरबतर हो गए।
कड़क धूप के चलते दिन में तापमान भी पांच डिग्री बढ़कर 32.6 डिग्री हो गया। गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह यादव के अनुसार दिन में मौसम साफ रहा, लेकिन कम दबाव का क्षेत्र विकसित होने के कारण शाम से रात तक आसमान पर फिर से बादल गहराकर बरस सकते हैं। इस बीच, सिंचाई विभाग ने नदियों की निगरानी बढ़ा दी है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष से तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र ने बताया कि नरौरा बैराज से गंगा और हरेली, किच्छा, खो, रामनगर आदि बैराजों से रामगंगा में अतिरिक्त पानी की मात्रा बढ़ा दिए जाने से नदियों के जल स्तर में मामूली बढ़ोत्तरी हो गई है। पिछले 24 घंटे के दौरान भैंसार बांध पर गंगा दस सेमी और चौबारी में रामगंगा 40 सेमी बढ़ गई है। खन्नौत 142.65 मीटर पर स्थिर है, लेकिन बारिश होने पर जल स्तर बढ़ना तय है।
कलक्ट्रेट में खुला कंट्रोल रूम
बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के लिए सिंचाई विभाग के अतिरिक्त प्रशासन ने भी कलक्ट्रेट में बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना कर दी है। वहां का टेलीफोन नंबर 05842-282600 है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व सर्वेश कुमार ने बताया कि कलक्ट्रेट के कंट्रोल रूम में तीनों पालियों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। उन्होंने बताया कि नियंत्रण कक्ष में रखी पंजिका में बाढ़ से संबंधित सूचनाएं दर्ज करने के साथ सूचना देने वालों के नाम-पते भी नोट किए जाएंगे।