डीएम के आदेश पर परिषदीय विद्यालयों में मिड-डे मील निर्माण की जांच कराई गई। इसमें 29 विद्यालयों में एमडीएम नहीं बना। इस पर एमडीएम न बनवाने के आरोपी शिक्षकों, ग्राम प्रधानों और वार्ड मेंबरों को नोटिस भेजा गया।
परिषदीय विद्यालयों में मिड-डे मील की जांच कराने के लिए डीएम ने 23 अप्रैल को जिलास्तरीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे। इसमें शिक्षा अधिकारियों के साथ ही जिला स्तरीय अधिकारियों और ब्लाक स्तरीय अधिकारियों को लगाया गया था। इन अधिकारियों ने जिले भर के 2986 विद्यालयों को चेक किया था। इसमें 29 विद्यालयों में मिड-डे मील बनता हुआ नहीं मिला था।
इसमें 21 विद्यालयों में ग्राम प्रधानों की कमी की वजह से मिड-डे मील बनने में व्यवधान आ रहा था। इन ग्राम प्रधानों को जिला पंचायत राज अधिकारी ने नोटिस भेजा। वहीं तीन वार्ड मेंबरों और पांच शिक्षक भी मिड-डे मील न बनवाने के आरोपी पाए गए। इस पर वार्ड मेंबरों को नगर निकायों चेयरमैन और शिक्षकों को बीएसए ने नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। वहीं दो विद्यालयों में एमडीएम संतोषजनक नहीं मिलने पर भी नोटिस जारी किया गया। बीएसए राजेश वर्मा का कहना है कि जांच में दोषी मिले शिक्षकों के को नोटिस भेज दिया गया है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद मिड-डे मील तैयार कराने में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।