शाहजहांपुर। नवरात्र पर जिला कारागार का माहौल भक्ति से सराबोर हो गया। हिंदू बंदियों के साथ 29 मुस्लिमों ने भी व्रत रखा है। रोजाना ही जेल में वाद्य यंत्रों के साथ भजनों की रसधार पर बंदी मग्न हैं।। उन्हें धार्मिक पुस्तकें भी उपलब्ध कराई गईं।
जिला कारागार में 1,340 बंदी निरुद्ध हैं। इसमें 55 महिलाएं भी शामिल हैं। नवरात्र पर जेल का माहौल भक्ति से सराबोर है। इस बार दो सौ से अधिक बंदियों ने नवरात्र पर व्रत रखे हैं। इनमें 29 मुस्लिम बंदियों ने व्रत रखकर आस्था दिखाई है।
जेल में मोहम्मद रजी, दानिश, लड्डन, जाहिर, मोहम्मद दाउद, कामिल, वसीम, वकील, शाहिद, साद अली, जीशान, मुख्तार इरशाद, तैयब, शान मोहम्मद, मुश्ताक, रुखसार, सहरोज, जबर शेर, अबरार, सद्दाम, रुखसार, कबीर, इरशाद अली, वारिस, सज्जाद मोहम्मद सलीम, इमरान और लड्डन खां ने व्रत रखे हैं।
इनका कहना है कि दुनिया में हर इंसान का एक ही भगवान है। अपने विश्वास और आस्था के हिसाब से सब इबादत करते हैं। इसी सर्वधर्म समभाव और एक ही शक्ति की मान्यता के आधार पर व्रत रखे हुए हैं। जेल में भजन-कीर्तन के साथ आरती की जाती है। जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने बताया कि 17 महिला बंदियों ने व्रत रखे हैं। इनमें दस महिलाओं ने पूरे व्रत रखे हैं।
750 ग्राम उबला आलू व दूध मिल रहा
-जिला कारागार प्रशासन की ओर से व्रत रखने वाले प्रत्येक बंदी को 750 ग्राम उबला आलू, आधा किलो दूध व 50 ग्राम चीनी उपलब्ध कराई जाती है। भजन-कीर्तन के लिए वाद्य यंत्र भी दिए गए। पूजा करने के लिए देवी-देवताओं की तस्वीरें भी दी गईं हैं।