शाहजहांपुर। दीनी तालीम देने के लिए संचालित होने वाले मदरसों की जमीनी हकीकत को परखने के लिए शासन के निर्देश पर हुए सर्वे में 29 मदरसे बिना मान्यता के संचालित होते मिले हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मोहम्मद खालिद ने उनकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दी है।
जिले में पांच अनुदानित व 176 मान्यता प्राप्त मदरसे संचालित होते हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मदरसों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए हर जिले में सर्वे के निर्देश दिए थे। सर्वे की बात सामने आते ही मदरसा संचालकों में खलबली मच गई। डीएमओ मोहम्मद खालिद ने मदरसा संचालकों से डाटा तलब किया। वहीं एसडीएम स्तर से भी लेखपालों के जरिये मदरसों की लोकेशन ट्रेस कराई गई। इसके बाद जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने जांच शुरू की। उन्होंने एक-एक मदरसे में जाकर मानकों को देखा। सर्वे में 29 मदरसे बिना मान्यता के संचालित होते मिले हैं। उनकी रिपोर्ट शासन को भेजने की तैयारी कर ली है।
दो मदरसे का डाटा स्वीकार नहीं किया
सर्वे के दौरान दो मदरसे ऐसे भी सामने आए जो विभाग के मानक पर खरे नहीं उतरे। विभाग ने उनके मदरसों के डाटा को स्वीकार नहीं करते हुए सर्वे नहीं किया है।
डर के चलते हटा दिए बोर्ड, भूमिगत हुए मदरसे
शासन के निर्देश के बाद कई मस्जिदों व मकानों में संचालित होने वाले मदरसों के बोर्ड हटा दिए गए। छात्र-छात्राओं के आने पर भी पाबंदी लगा दी गई। अधिकारी जब जांच करने पहुंचे तो उन्हें मदरसा नहीं मिला। जहां पर कुछ दिन पहले मदरसा संचालित हो रहा था वहां घर मिलने पर अधिकारियों को कदम पीछे खींचने पड़ गए।
मदरसों का सर्वे पूरा कर लिया गया। 29 मदरसे बिना मान्यता के संचालित होते मिले हैं। उनकी रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। शासन के निर्देश के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। - मोहम्मद खालिद, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी