जलालाबाद। शाहजहांपुर के बरेली मोड़ से याकूबपुर तिराहे तक करीब 28 किलोमीटर लंबे हाईवे को फोरलेन बनाने का काम शुरू हो गया है। हालांकि, निर्माण में पेड़ों को काटने की एनओसी का पेच फंसा हुआ है। इस कारण अभी उन स्थानों पर ही चौड़ीकरण का कार्य कराया जाएगा, जहां पेड़ बाधक नहीं हैं।
इस सड़क को 294.29 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन किया जाना है। जुलाई 2023 में लखनऊ की एसएस इंफ्राजोन कंपनी ने काम शुरू कर दिया था। निर्माण के आड़े आ रहे 5746 पेड़ चिह्नित किए गए थे, जिन्हें हटाने की अनुमति नहीं मिली है। ऐसे में तय समय जनवरी 2025 तक काम पूरा करना मुमकिन नहीं लग रहा। अनुमति न मिलने तक कार्यदायी संस्था ने उन स्थानों पर चौड़ीकरण का काम शुरू करा दिया है जहां पर पेड़ काटने की आवश्यकता नहीं है।
निर्माणदायी संस्था ने इस हाईवे के बीच पड़ने वाली पुलियों को चौड़ा करने का काम काफी समय पहले शुरू कर दिया था। अब क्षेत्र के गांव कलक्टरगंज से याकूबपुर के बीच करीब तीन किलोमीटर की दूरी के बीच सड़क को फोरलेन बनाने का काम तेजी से शुरू हो चुका है।
मौजूदा समय सड़क के दोनों ओर मिट्टी और पत्थर डालकर समतल किया जा रहा है। नेशनल हाईवे घोषित होने के बाद फर्रुखाबाद से जलालाबाद होते हुए कटरा तक के रोड का चौड़ीकरण का काम पूरा होने को है।
इस रोड के फोरलेन बन जाने के बाद क्षेत्र के लोगों को हर तरफ से आवागमन की काफी सहूलियत मिल जाएगी। खासकर जिला मुख्यालय तक सफर सुविधाजनक और सुगम हो जाएगा। साथ ही हादसों पर भी अंकुश लग सकेगा।
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इस तरह बनेगा फोरलेन
करीब 28 किलोमीटर की सड़क वर्तमान में सात मीटर चौड़ी है। यहां पर नौ-नौ मीटर चौड़ी दो सड़कें बनाईं जाएंगी। 2.5 मीटर चौड़े डिवाइडर बनेंगे। सड़क के दोनों ओर ढाई-ढाई मीटर चौड़ी पटरी बिछाई जाएगी। पूरा मार्ग करीब 25 मीटर चौड़ा बनेगा। मार्ग पर पड़ने वाली 30 पुलियों को भी चौड़ा किया जाना है।
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अभी पेड़ काटने की अनुमति नहीं मिल सकी है। इस वजह से उन स्थानों पर सड़क चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है, जहां पर पेड़ रुकावट नहीं बन रहे। अनुमति मिलते ही तेजी से काम शुरू करा दिया जाएगा।
-रथिन सिन्हा, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग