शाहजहांपुर। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आने वालों को जल्द ही टेस्टिंग ट्रैक के 250 सेंसरों से गुजरना होगा। कांट-जलालाबाद मार्ग पर ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक का निर्माण 70 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। ट्रैक पर गाड़ी चलाकर पास होने वालों को ही लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
परिवहन विभाग में लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों को तय तिथि पर बुलाकर वहीं पर मैदान पर गाड़ी चलवाकर पास और फेल कर दिया जाता है।
इस वजह से ऐसे लोगों के लाइसेंस भी बन जाते हैं, जिन्हें वाहन चलाना तक नहीं आता है। लाइसेंस बनाने में पारदर्शिता लाने के लिए कांट-जलालाबाद मार्ग पर ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक बनाने को हरी झंडी मिली थी। दो एकड़ जमीन पर ट्रैक को बनाया जा रहा है। ट्रैक पर 250 सेंसर लगाए गए हैं। आरआई विकास यादव ने बताया कि भारत सरकार की योजना के तहत चार करोड़ 59 लाख रुपये की लागत से ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक बन रहा है। पूर्व में लाइसेंस के टेस्ट मैनुअल होते थे। कुछ दिन के बाद आटोमेटिक होने लगेंगे।