शाहजहांपुर। शहर को स्मार्ट बनाने के लिए चल रही कवायदों के बीच नए साल में शहरवासियों को स्मार्ट के साथ ही ग्रीन रोड की सौगात भी मिलेगी, जबकि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पहले लोदीपुर वार्ड के निवासियों को 24 घंटे जलापूर्ति होगी, फिर दूसरे वार्डों में भी लोगों को लाभान्वित करने की योजना है। इनके अलावा नगर निगम का नए कार्यालय भवन, बहुमंजिला कार पार्किंग का लोकार्पण भी होगा। पेश है एक रिपोर्ट...। संवाद
अमृत योजना 2.0 के तहत 333 किमी पाइप लाइन बिछाई जाएगी
अमृत योजना 2.0 के तहत 186 करोड़ रुपये की लागत से 333 किमी लंबी पानी की पाइप लाइन बिछाई जाएगी। कार्यदायी संस्था जल निगम जनवरी से काम शुरू करेगी। इससे शहर के 44 हजार घरों को जलापूर्ति मिलेगी। लोदीपुर मोहल्ले में 3380 घरों को 24 घंटे पानी मिलेगा। योजना के तहत टेंडर की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत करीब 10 करोड़ रुपये का बजट इसमें खर्च किया जाएगा।
पूरी क्षमता से शुरू होगा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
राज्य सेक्टर परियोजना के तहत शहर में सीवर लाइन डालने का कार्य पूरा हो चुका है। अब इसके माध्यम से सीवर का गंदा पानी मघई टोला स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचेगा, जहां पर उसे शोधित करके नदी में छोड़ा जाएगा। हालांकि, यह कार्य वर्तमान में चल रहा है, लेकिन अधिकारियों के मुताबिक इस साल पूरी क्षमता के साथ प्लांट शुरू हो जाएगा। इस परियोजना की शुरुआत वर्ष 2021 में हुई थी। वर्ष 2019-20 में 377 करोड़ रुपये प्रस्तावित थे। बाद में कार्यदायी संस्था टेक्नोक्राफ्ट के पक्ष में 248 करोड़ रुपये का टेंडर हुआ। 31 दिसंबर 2024 को सीवर लाइन बिछाने का काम पूरा कर लिया। फिलहाल घरों तक कनेक्शन देने व सड़कों की मरम्मत का कार्य चलता रहेगा।
साल के अंत तक तैयार हो सकती है ग्रीन रोड
मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम (अर्बन) के तहत मोहनगंज में शहीद अहमद उल्ला शाह पार्क से मालगोदाम मोड़ के पास विधायक हरिप्रकाश वर्मा के आवास तक ग्रीन रोड का निर्माण शुरू कर दिया गया। 400 मीटर लंबी इस रोड का निर्माण छह करोड़ रुपये से होगा। इसका काम एसएस कंफ्राजोन संस्था को 15 माह के अंदर पूरा करना है। ग्रीन रोड के किनारे यूटीलिटी डक्ट, फुटपाथ बनाया जाएगा। ग्रीन जोन, सौर आधारित स्ट्रीट लाइट, बस स्टॉप, ईवी चार्जिंग स्टेशन, सुंदरीकरण और पैदल यात्रियों के लिए सुविधा दी जाएगी। सड़क सुधार, गड्ढा मुक्ति व अन्य मरम्मत के लिए बजट का अधिकतम 10 प्रतिशत खर्च करने की अनुमति होगी।
स्मार्ट रोड पर पूरा करवाया जाएगा बिजली संबंधी कार्य
सुभाषनगर से रिंग रोड तक शहर की पहली स्मार्ट रोड का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इस पर वाहन लंबे समय से फर्राटा भर रहे हैं, लेकिन बिजली से संबंधित कार्य अभी पूरा नहीं हो पाए, इसको इस साल पूरा कराके नगर निगम को हैंडओवर कर दिया जाएगा। इसके निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी को 13 करोड़ 55 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।
हैंडओवर होंगे पांच राजकीय हाईस्कूल विद्यालयों के भवन
जिले के ब्लॉक भावलखेड़ा स्थित गांव सुजातपुर और गुलड़ा उर्फ नौगवां, मदनापुर के बबरी, कटरा-खुदागंज में चक रमापुर उत्तरी व खुदागंज के चक महोलिया में कुल पांच राजकीय हाईस्कूल का निर्माण पूरा हो चुका है। प्रत्येक विद्यालय के निर्माण में 69.51 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। नवनिर्मित विद्यालय भवनों को शैक्षिक सत्र-25-26 शुरू होने से पहले माध्यमिक शिक्षा विभाग को हैंडओवर करने की प्रक्रिया भी पूरी कर लिए जाने की बात डीआईओएस हरिवंश कुमार कह रहे हैं। इसमें कक्षा आठवीं पास करने के बाद छात्राओं को घर के नजदीक शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिलेगा।
विश्वविद्यालय की सौगात मिलने की आस
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एसएस कॉलेज को विश्वविद्यालय बनाने की दिशा में प्रयास बीते साल शुरू हो गए थे। शासन से एक टीम ने निरीक्षण भी किया, लेकिन इसकी फाइल शासन में लंबित है। इस वर्ष विश्वविद्यालय की सौगात मिलने की आस है।
सौ बेड अस्पताल का निर्माण होगा शुरू
-राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में बनने वाला सौ बेड का अस्पताल का निर्माण कार्य नए साल में शुरू होने की उम्मीद है। वर्ष 2016 में नींव रखे जाने के बाद 2018 में बनाकर सुपुर्द किया जाना था। कार्य की धीमी गति के चलते अभी तक पूर्ण नहीं हो पाया है। राजकीय निर्माण निगम ने कार्य को शुरू कराने के लिए शासन से दस करोड़ रुपये की राशि मांगी है। उसके मिलने के बाद कार्य प्रारंभ हो सकता है। अस्पताल बनने से मरीजों के लिए बेड की होने वाली मारा-मारी खत्म हो जाएगी।
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ईएसआई अस्पताल की मिल सकेगी सौगात
-पुवायां रोड पर नियामतपुर गांव के पास पांच एकड़ में बनने वाले ईएसआई अस्पताल का काम रुका हुआ है। वर्ष 2025 में अस्पताल की सौगात मिल सकती है। मुख्यालय से बजट आवंटित होने के बाद कार्य को शुरू कराया था, लेकिन नक्शा नहीं आने के कारण कार्य रुक गया। वर्ष 2021 में अस्पताल के लिए भूमिपूजन किया था। करीब सौ करोड़ रुपये में 30 बेड के अस्पताल की स्वीकृति मिली थी। निर्माण कार्य के लिए मशीनें भी स्थापित कर ली गई थीं। नए वर्ष में भवन बनकर तैयार होने की उम्मीद है।
नियामतपुर स्थित निर्माणाधीन ईएसआई अस्पताल। फाइल फोटो