शाहजहांपुर। पीलीभीत के दियूनी बैराज से गर्रा नदी में 21,560 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से शाहजहांपुर में नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। सिंचाई विभाग के अनुसार पानी अगले तीन से चार दिन में जिले में पहुंचेगा। अजीजगंज पुल पर गर्रा नदी का जलस्तर करीब दो मीटर बढ़ने की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर नदी के तटीय और डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
शारदा नहर खंड सिंचाई विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार दियूनी बैराज से गर्रा नदी में 21,560 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वर्तमान में अजीजगंज पुल पर नदी का जलस्तर 145.55 मीटरगेज है।
पानी पहुंचने के बाद इसके करीब दो मीटर बढ़ने की संभावना है। हालांकि, खतरे का निशान 148.50 मीटरगेज है।
प्रशासन ने लोगों से नदी के बहाव क्षेत्र, किनारों, घाटों और अजीजगंज पुल के निचले हिस्सों में स्नान, पशुओं को नहलाने या घूमने के लिए नहीं जाने की अपील की है। बच्चों को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखने और मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर बांधने के लिए कहा गया है। जरूरी सामान को सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर रखने की सलाह भी दी गई है।
आपात स्थिति के लिए प्रशासन ने 05842-462754, 05842-351037 और 05842-35108 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। ये नंबर 24 घंटे क्रियाशील रहेंगे।
बर्बाद हुई फसल, मुआवजे का इंतजार ः मिर्जापुर। गंगा का जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र के निचले इलाकों में घुसे पानी ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में खड़ी खरीफ की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न होने से बर्बाद हो गई। किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा मिलने की उम्मीद है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक फसल क्षति का सर्वे शुरू नहीं कराया है।
बाढ़ प्रभावित आजादानगर निवासी नाजिम ने बताया कि बाढ़ के पानी से बाजरे की फसल पूरी तरह प्रभावित हो गई। अन्य किसानों का कहना है कि फसल तैयार करने में काफी मेहनत और लागत लगी थी, लेकिन बाढ़ ने सब बर्बाद कर दिया। किसानों के मुताबिक अब तक राजस्व विभाग की ओर से कोई लेखपाल या कर्मचारी फसल क्षति का आकलन करने नहीं पहुंचा है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि एसडीएम को निर्देशित किया गया है कि वह राजस्व टीमों को भेजकर फसल की क्षति का आकलन कराएं। सर्वे के बाद मुआवजा दिया जाएगा। संवाद