शाहजहांपुर। होली के दिन शहर में लाट साहब का जुलूस निकलने के बाद त्यौहार के रंग में डूबे हुड़दंगियों को अराजकता फैलाने का मौका नहीं मिलेगा, क्योंकि इस बार जुलूस निकलने के बाद भी पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान निर्धारित स्थानों पर अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद रहेंगे। जुलूस संपन्न होने के एक घंटे बाद शहर के प्रमुख मार्गों से डीएम और एसपी के नेतृत्व में फ्लैग मार्च भी निकलेगा। सीडीओ महेंद्र सिंह तंवर ने विकास भवन सभागार में मंगलवार को हुई पत्रकार वार्ता में बताया कि जुलूस के बाद भी शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस बार सुरक्षा प्रबंधों में बदलाव किया गया है।
विगत में होली पर जुलूस निकलने के दौरान यह देखने में आया कि जुलूस आगे बढ़ने पर पीछे के नियत स्थानों पर तैनात सुरक्षा बल के जवान वहां से अपने ठिकानों पर चले जाते थे। ऐसे में होली के बहाने हुड़दंगी सड़कों पर उत्पात मचाने लगते थे। कई बार ऐसा भी हुआ कि उनका विरोध करने पर गुटीय संघर्ष की स्थितियां बन गईं और नौबत फायरिंग तक आ गई। त्योहार पर शांति और अमन-चैन का माहौल बनाए रखने के लिए जुलूस के बाद भी सुरक्षा बलों को उसी स्थान पर तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं, जहां उनकी ड्यूटी लगाई गई है।
दोपहर 12 बजे जुलूस समाप्त होने के बाद शहर में फ्लैग मार्च निकाला जाएगा, जिसमें प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों सहित पुलिस, पीएसी, आईटीबीपी आदि सभी सुरक्षा बलों के जवान भी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि लाट साहब का जुलूस सुबह नौ बजे आरंभ होना बताया गया है, लेकिन सुरक्षा के लिए चिह्नित स्थानों पर फोर्स की ड्यूटी सुबह छह बजे से प्रभावी हो जाएगी। इसके साथ ही जोन मजिस्ट्रेट के तौर पर वह स्वयं और एडीएम प्रशासन सहित सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट भी मोबाइल ड्यूटी पर सक्रिय हो जाएंगे।
शहर में मजिस्ट्रेटों ने किया भ्रमण
लाट साहब के जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में जुटाए गए पुलिस और अर्ध सैनिक बलों के बाहर से आए अधिकारियों और जवानों से परिचय कर आपसी तालमेल बनाने के लिए मजिस्ट्रेट नामित किए गए अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को दोपहर शहर में भ्रमण कर विभिन्न प्वॉइंट चेक किए। सीडीओ तंवर ने बताया कि भ्रमण के दौरान मजिस्ट्रेटों ने अपने-अपने क्षेत्रों के पुलिस अधिकारियों से परिचय का आदान-प्रदान किया। उन्होंने बताया कि जुलूस के निर्धारित मार्गों से पत्थर-रोड़े उठवाए जा रहे हैं और कई ऐसे स्थान भी चिह्नित किए गए हैं, जहां बैरिकेडिंग मजबूत किए जाने की जरूरत है।