शाहजहांपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा शुरू के दिनों में भले ही शांतिपूर्वक और निर्विघ्न चल रही हो, लेकिन आने वाले दिनों में घोर संकट के बादल छाने वाले हैं। चूंकि परीक्षाओं से छात्र-छात्राओं का भविष्य जुड़ा रहता है, इसलिए भावात्मक रूप से सरकारों को ब्लैकमेल करने के लिए शिक्षक संगठन प्रयत्नशील रहते हैं। ऐसा ही पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर रहा। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों ने बोर्ड परीक्षा में कक्षा निरीक्षण कार्य का बहिष्कार कर आंदोलन किया था। यह तो अच्छा हुआ कि अनिवार्य विषयों की परीक्षा शुरू होने से पहले ही उनका आंदोलन स्थगित हो गया। अब यही स्थिति 12 फरवरी से आने वाली है। इस तिथि से वित्तविहीन शिक्षक मानदेय की मांग को लेकर परीक्षा का बहिष्कार करने जा रहे हैं।
चूंकि एक तिहाई परीक्षा केंद्र वित्तविहीन कॉलेज ही हैं और उनमें केंद्र व्यवस्थापक का दायित्व भी इन्हीं कॉलेजों के प्रधानाचार्य निभा रहे हैं, ऐसे में उनके बहिष्कार से बोर्ड परीक्षा पर घोर संकट छा जाना स्वाभाविक है। एक अनुमान के मुताबिक जिले में 117 परीक्षा केंद्रों मेें से लगभग 75 केंद्र वित्तविहीन कॉलेज हैं। शिक्षकों के अभाव में कक्ष निरीक्षण का कार्य तो किसी से भी कराया जा सकता है, लेकिन केंद्र व्यवस्थापक जैसा अति जिम्मेदारी वाला कार्य हर किसी के ऊपर नहीं छोड़ा जा सकता। यदि वित्तविहीन शिक्षक महासभा की 12 फरवरी से प्रस्तावित हड़ताल वापस नहीं ली जाती है, तो बोर्ड परीक्षा का हाल आसमान से निकले, खजूर में लटके वाला हाल हो जाएगा।
12 फरवरी से आंदोलन होगा शुरू
महासंघ ने निर्णय लिया था कि प्रदेश सरकार यदि बजट में वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय का प्रबंध शामिल नहीं करती है, तो प्रदेश के शिक्षक बोर्ड परीक्षा का बहिष्कार कर सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ देंगे। यह निर्णय प्रदेश स्तर पर पिछले माह की बैठक में ही लिया गया है। चूंकि सूबे के बजट में मानदेय शामिल नहीं है, इसिलए 12 फरवरी से बोर्ड परीक्षा का बहिष्कार करते हुए सभी वित्तविहीन शिक्षक आंदोलन पर चले जाएंगे।
नरेंद्र कुमार सिंह यादव, जिलाध्यक्ष वित्तविहीन शिक्षक महासभा
डिप्टी सीएम से वार्ता हो रही है
सूचना मुझे भी मिली है, लेकिन डिप्टी सीएम ने आज ही प्रदेश स्तर पर वित्तविहीन शिक्षक महासभा, उनके एमएलसी आदि को वार्ता के लिए बुलाया है, जिससे बोर्ड परीक्षा पर कोई असर नहीं पड़े। इसलिए उम्मीद जताई जा रही है कि आंदोलन से अलग का रास्ता निकल आएगा।
रवि दत्त, डीआईओएस
37 परीक्षार्थी रहे अनुपस्थित
शुक्रवार को चली यूपी बोर्ड परीक्षा में कुल 37 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। डीआईओएस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार प्रथम पाली में हाईस्कूल कृषि के पेपर के लिए 396 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिसमें 362 ने परीक्षा दी और 34 परीक्षार्थी अनुपस्थित हो गए। जबकि इंटर की संगीत गायन, संगीत वादन और नृत्य कला की परीक्षा के लिए 79 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिसमें 76 उपस्थित हुए तीन अनुपस्थित रहे। डीआईओएस रवि दत्त समेत अन्य सचल दलों ने परीक्षा केंद्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।